ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा ईरानी रियाल (Iranian Rial) ने एक बार फिर नया नकारात्मक रिकॉर्ड बना दिया है। अनौपचारिक (ओपन मार्केट) में 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत अब करीब 16 लाख रियाल (लगभग 1,614,000 IRR) तक पहुंच चुकी है। यह ईरानी करेंसी का अब तक का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है।
ओपन मार्केट में 1 USD = 16.14 लाख रियाल
स्थानीय ट्रेडर्स और करेंसी ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को हवाला मार्केट में डॉलर का रेट 1,614,000 रियाल दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम 1,532,000 और उच्चतम 1,614,000 रियाल रहा।
बीते एक सप्ताह में रियाल की वैल्यू में लगभग 14.39% की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह गिरावट 73% से ज्यादा हो चुकी है।
अमेरिकी प्रतिबंध और राजनीतिक संकट का असर
ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों, उच्च मुद्रास्फीति और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रही है। दिसंबर 2025 से देश में महंगाई और करेंसी गिरावट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई इलाकों में इंटरनेट ब्लैकआउट और हिंसा की खबरें भी सामने आईं, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया।
1979 से अब तक 20,000 गुना कमजोर हुई रियाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक 1979 की इस्लामिक क्रांति के समय 1 डॉलर की कीमत करीब 70 रियाल थी। आज वही आंकड़ा 16 लाख के पार पहुंच चुका है, यानी ईरानी करेंसी करीब 20,000 गुना से ज्यादा कमजोर हो चुकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
ईरानी सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने कहा है कि विदेशी मुद्रा बाजार “प्राकृतिक प्रक्रिया” से गुजर रहा है। सरकार ने राहत पैकेज, सब्सिडी और मासिक कूपन की घोषणा की है, लेकिन ओपन मार्केट में डॉलर पर अब तक कोई नियंत्रण नहीं हो पाया है।
आम जनता पर भारी असर
इस गिरावट का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। आयातित दवाइयां, खाद्य पदार्थ और ईंधन बेहद महंगे हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे “आर्थिक तबाही” बता रहे हैं और कह रहे हैं कि रियाल की वैल्यू अब लगभग “शून्य” के बराबर हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील नहीं मिलती, तब तक ईरान की करेंसी में स्थिरता आना बेहद मुश्किल है।









