12 सेकंड में 10 वारः यूट्यूब और क्राइम पेट्रोल देखकर ज्वैलर को मार डाला
गाजियाबाद। “मैंने हत्या करने नहीं गया था। सिर्फ लूट करनी थी। लेकिन जब मिर्च पाउडर डाला और पहला चापड़ मारा, तो खून निकल आया। फिर रुक नहीं पाया। 12 सेकंड के अंदर ताबड़तोड़ दस वार कर दिए।”
ये शब्द हैं गाजियाबाद के मोदीनगर में 2 दिसंबर को ज्वैलर गिरधारीलाल गोयल (62) की बेरहमी से कत्ल करने वाले मुख्य आरोपी अंकित गुप्ता के। पुलिस रिमांड पर पूछताछ में उसने जो खौफनाक ब्योरा दिया, उसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
यूट्यूब और क्राइम शो बने “गुरु”
24 साल का अंकित गुप्ता मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि उसने लूट की पूरी प्लानिंग पहले से कर रखी थी। इसके लिए उसने यूट्यूब पर ढेर सारे वीडियो देखे। क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया जैसे सीरियल भी खूब देखे।
“मैंने देखा कि पुलिस को कैसे चकमा दिया जाता है। फिंगरप्रिंट न छूटे इसलिए उंगलियों पर सर्जिकल टेप चिपकाया। चेहरा ढकने के लिए मास्क और टोपी लगाई। हथियार भी पहले से तैयार रखा था।” अंकित ने शांत स्वर में ये सब बताया, जैसे कोई फिल्म की स्क्रिप्ट सुना रहा हो।
गिरधारीलाल जैसे ही चीखे-चिल्लाए, अंकित ने उन पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
पुलिस के मुताबिक सिर्फ 10-12 सेकंड में दस वार किए गए। गर्दन, सिर और छाती पर गहरे घाव।
घटना के बाद दुकान के बाहर भीड़ जमा हो गई, लेकिन तब तक गिरधारीलाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
वारदात के महज 48 घंटे के अंदर गाजियाबाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को दबोच लिया।
अंकित गुप्ता (24) – मुख्य आरोपी व हत्यारा
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई ज्वैलरी का बड़ा हिस्सा, हथियार और घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली है।
“क्राइम कंटेंट” का खतरनाक असर
यह मामला एक बार फिर उस खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है जहां नौजवान यूट्यूब, रील्स और क्राइम सीरियल्स से “सीखकर” अपराध करते हैं। पुलिस अधिकारी बताते हैं कि पिछले दो-तीन साल में कई लूट-डकैती के केस में आरोपी यही बताते हैं कि उन्होंने यूट्यूब से “टिप्स” लिए थे।
एसएसपी मोदीनगर ने कहा, “ऐसे कंटेंट को देखकर युवा अपराध को आसान समझने लगते हैं। लेकिन सच यह है कि तकनीक और सीसीटीवी के जमाने में कोई अपराधी बच नहीं पाता। इस केस में भी 48 घंटे में सभी पकड़े गए।”
फिलहाल अंकित गुप्ता जेल जा चुका हैं। उस पर हत्या, लूट और आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज है। एक 62 साल के ज्वैलर की जिंदगी महज 12 सेकंड में छिन गई, सिर्फ इसलिए क्योंकि किसी ने यूट्यूब को अपना “क्राइम गुरु” बना लिया।










