उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग ने दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब प्रदेश में नई बाइक या स्कूटी खरीदने पर डीलर को ग्राहक को दो ISI प्रमाणित (ISI Marked) हेलमेट अनिवार्य रूप से देने होंगे—एक चालक के लिए और दूसरा पीछे बैठने वाली सवारी (पिलियन राइडर) के लिए।
परिवहन विभाग ने सभी दोपहिया वाहन विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना दो हेलमेट दिए वाहन की डिलीवरी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही दोनों हेलमेट के बिल या प्रमाण-पत्र को वाहन पंजीकरण के दस्तावेजों के साथ वाहन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
परिवहन आयुक्त के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतों और गंभीर चोटों का मुख्य कारण दोपहिया वाहन चालक और पिलियन राइडर द्वारा हेलमेट न पहनना है।
हाल के आंकड़ों और सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रोड सेफ्टी कमेटी की रिपोर्ट में भी हेलमेट न पहनने को मौतों की बड़ी वजह बताया गया है।
उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला परिवहन साधन है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि पीछे बैठने वाले:
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महिलाएं,
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बच्चे,
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या परिवार के सदस्य
हेलमेट नहीं पहनते, जिससे हादसे में सिर पर गंभीर चोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
उल्लंघन पर क्या सजा होगी?
यदि चालक या पिलियन राइडर बिना हेलमेट पकड़े जाते हैं, तो:
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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194-डी के तहत ₹1000 का जुर्माना लगेगा।
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गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने तक निलंबित किया जा सकता है।
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बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।
ABS नियम से भी जुड़ा है यह फैसला
यह नियम केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव से भी जुड़ा है, जिसके तहत 1 जनवरी 2026 से 50cc से अधिक क्षमता वाले सभी नए दोपहिया वाहनों में ABS (Anti-Lock Braking System) अनिवार्य किया गया है।
उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग ने इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:
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हेलमेट पहनने से सिर की चोटों में 60–70% तक कमी आ सकती है।
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डीलर से दो हेलमेट मिलने से लोग शुरुआत से ही सुरक्षित हेलमेट इस्तेमाल करेंगे।
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इससे नकली और घटिया हेलमेट का चलन भी कम होगा।
सरकार की अपील
उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी दोपहिया वाहन चालकों और खरीदारों से अपील की है कि:
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इस नियम का पूरी तरह पालन करें,
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खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें,
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और सड़क पर जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें।
उम्मीद है कि इस फैसले से प्रदेश में दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।








