दिल्ली-NCR में जब एक ओर GRAP-3 लागू है और AQI 400 के पार पहुंच चुका है, तब गाजियाबाद के क्रासिंग रिपब्लिक स्थित कॉसमॉस गोल्डन हाइट्स सोसाइटी की RWA ने पर्यावरण को करारा झटका दे दिया। सोसाइटी परिसर में लगे 10-12 साल पुराने 20 से 25 पूर्ण विकसित पेड़ों को रातों-रात जेसीबी और आरी मशीनों से काट दिया गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले सप्ताह देर रात की गई। कटाई की आवाज सुनकर जब कुछ लोग बाहर पहुंचे तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि यह “मेंटेनेंस का काम” है और RWA के आदेश पर हो रहा है। सुबह जब सोसाइटी के निवासी बाहर निकले तो हरे-भरे पेड़ों की जगह केवल ठूंठ नजर आए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
घटना से आक्रोशित निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने इसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया और प्रशासन की नजर में आ गया।
वन विभाग हरकत में, FIR की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) ईशा तिवारी ने तत्काल दो जांच टीमों का गठन कर मौके पर भेजा। टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया, कटे पेड़ों के ठूंठों की गिनती की और RWA पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया।
DFO ईशा तिवारी ने कहा:
“बिना वन विभाग की अनुमति के एक भी पेड़ काटना गंभीर अपराध है। ये पेड़ 10-12 साल पुराने थे और सोसाइटी की हरियाली का अहम हिस्सा थे। RWA के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश संरक्षित वन अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के तहत FIR दर्ज की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
निवासियों में भारी रोष
सोसाइटी निवासी अनिकेत शर्मा ने कहा:
“इन पेड़ों की वजह से हमारा लोकल AQI 50-60 पॉइंट तक कम रहता था। GRAP-3 में जब पेड़ बचाने की बात हो रही है, तब RWA ने रातों-रात हरियाली खत्म कर दी। हम सभी निवासी सख्त कार्रवाई चाहते हैं।”
RWA को नोटिस, 72 घंटे का अल्टीमेटम
वन विभाग ने सोसाइटी को नोटिस जारी करते हुए 72 घंटे में सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि:
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कटे हर पेड़ के बदले 10 नए पेड़ लगाए जाएं
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उनकी 5 वर्षों तक देखभाल की जिम्मेदारी भी RWA की होगी
पर्यावरण कार्यकर्ताओं की मांग
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दोषी RWA पदाधिकारियों को पद से हटाया जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य सोसाइटी ऐसी लापरवाही न कर सके।

फिलहाल मामला बेहद संवेदनशील बन चुका है और आने वाले दिनों में FIR दर्ज होने व कठोर कानूनी कार्रवाई की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है।









