नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) हरिद्वार की 41वीं अर्धवार्षिक बैठक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को नराकास वैजयंती योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सिपन कुमार गर्ग ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि राजभाषा हिंदी के विकास के लिए इसी प्रकार निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख अतिथि
बैठक की अध्यक्षता टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. अमर नाथ त्रिपाठी ने की।
इस अवसर पर IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, राजभाषा प्रभारी प्रो. अविनाश पाराशर तथा गृह मंत्रालय के उप निदेशक श्री छबिल कुमार मेहेर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और IIT रुड़की के कुलगीत से हुआ।
पुरस्कार वितरण और सम्मान
छमाही के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में:
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टीएचडीसी के सहायक प्रबंधक श्री नीरज शर्मा को प्रथम पुरस्कार
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सहायक प्रबंधक श्री गोविंद रेलिया को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
साथ ही, सार्वजनिक उपक्रम श्रेणी में टीएचडीसी के कॉरपोरेट कार्यालय को राजभाषा वैजयंती योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नराकास हरिद्वार की उपलब्धि
नराकास हरिद्वार देश की सबसे बड़ी नराकास समितियों में से एक है, जिसमें अब 73 केंद्रीय संस्थान शामिल हैं। यह समिति रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं पर्वतीय क्षेत्रों के सभी केंद्र सरकार कार्यालयों को समाहित करती है।
सरकार की राजभाषा नीति पर प्रस्तुति
गृह मंत्रालय के उप निदेशक श्री छबिल मेहेर ने संविधान, राजभाषा अधिनियम 1963 एवं नियम 1976 की जानकारी दी और हिंदी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
अध्यक्ष का संबोधन
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि नराकास हरिद्वार के सभी कार्यक्रम समय पर संचालित हो रहे हैं और सभी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से यह समिति भविष्य में “उत्कृष्ट श्रेणी” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर सकती है।
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में प्रो. अविनाश पाराशर ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और राजभाषा अधिकारियों को धन्यवाद दिया।









