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राजाजी नेशनल पार्क के कोर एरिया में फंसे 5 युवक सुरक्षित रेस्क्यू, नीलकंठ से लौटते समय भटके

BPC News National Desk
3 Min Read

पवित्र नीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन कर लौट रहे हरियाणा के पांच युवकों के लिए शुक्रवार (13 फरवरी 2026) की रात एक भयावह अनुभव बन गई। रास्ता भटकने के कारण वे घने जंगल में पहुंच गए और अनजाने में राजाजी नेशनल पार्क के खतरनाक कोर एरिया में फंस गए। हालांकि लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई से सभी युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार हरियाणा के पानीपत जिले के जुरासी खालसा गांव के पांच युवक भगवान शिव के भक्त हैं और नीलकंठ महादेव मंदिर में दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद वे पैदल वापस लौट रहे थे, लेकिन मुख्य मार्ग से भटककर घने जंगल में चले गए। धीरे-धीरे वे राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में पहुंच गए, जहां बाघ, हाथी और अन्य जंगली जानवरों का गंभीर खतरा रहता है।

रात होने पर स्थिति और भयावह हो गई। अंधेरे में दिशा का अंदाजा नहीं लग पा रहा था और वे विंध्यवासिनी मंदिर से करीब 6 किलोमीटर दूर महादेव पानी क्षेत्र में फंस गए। घबराए युवकों ने अंततः डायल-112 पर कॉल कर मदद मांगी।

कैसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की टीम ने तुरंत संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

  • युवकों की मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई

  • फोन के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा गया

  • रातभर सर्च अभियान चलाया गया

कई घंटों की कठिन तलाश के बाद शनिवार तड़के टीम ने युवकों को ढूंढ निकाला और सुरक्षित जंगल से बाहर निकाल लिया। सभी युवक स्वस्थ पाए गए और बाद में उन्हें उनके परिवारों के पास भेज दिया गया।

कितना खतरनाक है यह इलाका

राजाजी टाइगर रिजर्व उत्तराखंड का प्रमुख वन्यजीव क्षेत्र है, जहां बाघ, हाथी, तेंदुए सहित कई जंगली जानवरों की बड़ी संख्या है। कोर एरिया में आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है और बिना अनुमति जाना कानूनी अपराध भी है। खासकर शाम के बाद इस क्षेत्र में जाना अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए बड़ा सबक

इस घटना ने जंगल मार्ग से पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सावधान कर दिया है। प्रशासन ने सलाह दी है कि:

  • हमेशा मुख्य मार्ग या गाइडेड रूट का ही उपयोग करें

  • जंगल में अकेले या छोटे समूह में न जाएं

  • मोबाइल लोकेशन, टॉर्च और पर्याप्त संसाधन साथ रखें

  • शाम होने से पहले सुरक्षित मार्ग पर लौट आएं

नीलकंठ महादेव की कृपा और पुलिस-वन विभाग की तत्परता से पांचों युवक मौत के मुंह से बच गए। यह घटना भविष्य में ऐसी यात्राओं के दौरान सतर्कता बरतने की मजबूत चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

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