गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत डासना से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि बच्ची की सौतेली मां ने बेरहमी से पिटाई की, जबकि पिता पर भी हत्या में संलिप्तता का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
रात में हुई पिटाई, सुबह नहीं उठी बच्ची
जानकारी के अनुसार, वीर अब्दुल हमीद पार्क, कस्बा डासना निवासी अकरम की पहली पत्नी का कुछ साल पहले इंतकाल हो गया था। पहली पत्नी से उसके तीन बच्चे – दो बेटियां और एक बेटा हैं। बाद में अकरम ने निशा परवीन से दूसरी शादी की।
परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, निशा परवीन का व्यवहार पहली पत्नी के बच्चों के साथ अक्सर क्रूर रहता था।
बीती रात किसी बात पर नाराज होकर उसने छोटी बेटी शिफा (6 वर्ष) को बेरहमी से पीटा।
सुबह जब बच्ची नहीं उठी तो निशा परवीन और अकरम उसे डॉक्टर के पास लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शरीर पर मिले पिटाई के निशान, मामा ने की शिकायत
घटना की जानकारी मिलने पर बच्ची के मामा (नेकपुर, मुरादनगर निवासी) मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों और पिटाई के निशान थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
छोटे भाई को भी पीटा गया
परिजनों का आरोप है कि मृतक बच्ची के 4 वर्षीय छोटे भाई आहिल के साथ भी मारपीट की गई है। बच्ची की बड़ी बहन फिजा भी इसी घर में रहती है और उसके साथ भी पहले दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
सूचना मिलते ही वेव सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि:
“मामला गंभीर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।”
माता-पिता दोनों पर हत्या का आरोप
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि बच्ची के साथ लंबे समय से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। इसी वजह से अब माता-पिता दोनों पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
इलाके में आक्रोश, लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
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आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए,
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और बच्चों के साथ क्रूरता करने वालों पर सख्त कानून लागू हो।
बाल सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, घरेलू हिंसा और सौतेले रिश्तों में उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते शिकायत और हस्तक्षेप बेहद जरूरी है, ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके।







