गाजियाबाद नगर निगम शहर विकास को नई दिशा देने की तैयारी में है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में निगम उत्तर प्रदेश की पहली एलिवेटेड ट्रेल बनाने जा रहा है। यह परियोजना साइ उपवन क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जहां 650 मीटर लंबी और 1.5 मीटर चौड़ी आधुनिक एलिवेटेड ट्रेल का निर्माण प्रस्तावित है।

परियोजना को बिल्ट–ऑपरेट–ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने निविदा आमंत्रित कर दी है, जिसे 11 दिसंबर को खोला जाएगा।
एलिवेटेड ट्रेल की प्रमुख विशेषताएँ
प्रस्तावित ट्रेल को आकर्षक और बहुउद्देश्यीय बनाने के लिए निम्न सुविधाएँ शामिल की जाएंगी:
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बास्केटबॉल कोर्ट
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पिकलबॉल कोर्ट
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बॉक्स क्रिकेट एरिया
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पब्लिक टॉयलेट
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पार्किंग स्पेस
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कैफे क्षेत्र
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मनोरंजन एवं वॉकिंग ट्रैक
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेल न सिर्फ मनोरंजन का नया केंद्र बनेगी, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों और आम जनता को भी इसका लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम जो बनाएगा एलिवेटेड ट्रेल
नगर आयुक्त ने बताया कि एलिवेटेड ट्रेल विकसित करने वाला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना—
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शहर के सौंदर्य में इजाफा करेगी,
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नागरिकों के लिए नई खेल और मनोरंजन सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी,
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और शहर के लिए एक नई पहचान स्थापित करेगी।
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹5 करोड़ रखी गई है।
राजस्व भी बढ़ाएगा यह प्रोजेक्ट
नगर निगम के अनुसार ट्रेल का निर्माण और संचालन टेंडर लेने वाली फर्म द्वारा किया जाएगा।
BOT मॉडल पर संचालन होने से नगर निगम को नियमित राजस्व प्राप्त होगा, जिससे यह योजना आर्थिक रूप से भी लाभदायक सिद्ध होगी।

निगम की नई पहल शहर आकर्षण बढ़ाएगी
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में नए विकास कार्य लगातार जोड़े जा रहे हैं।
साइ उपवन में प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रेल—
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शहर के आकर्षण का केंद्र बनेगी,
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और गाजियाबाद के साथ-साथ अन्य शहरों से आने वाले लोग भी इसे देखने और उपयोग करने के लिए आकर्षित होंगे।










