BPC न्यूज़ ब्यूरो – पिछले सात महीने से रेबीज वैक्सीन के लिए फ्रिज का न होना मतलब मरिजो की जान से खिलवाड़ करना। डॉ० बी० पी० त्यागी हेल्थ प्रभारी रास्ट्रवादी जनसत्ता दल।
BPC न्यूज़ ब्यूरो – पिछले सात महीने से रेबीज वैक्सीन के लिए फ्रिज का न होना मतलब मरिजो की जान से खिलवाड़ करना। डॉ० बी० पी० त्यागी हेल्थ प्रभारी रास्ट्रवादी जनसत्ता दल।
“ग़ाज़ियाबाद कंबाइंड अस्पताल में पिछले 7 महीने से रेबीज वैक्सीन रखने का फ्रिज ख़राब है”
अगर वैक्सीन रखने के लिए कोल्ड चैन को नहीं बनाये रखा जाता तो वैक्सीन की प्रभाव कम हो जाता है । अगर एक दिन में 500 मरिजो को वैक्सीन लग रही है तो सब मरिजो को रेबीज होने का ख़तरा बना रहता है ।
इस बात को मीडिया बार बार उठाता है लेकिन न तो जन प्रतिनिधिओ न अधिकारियो के कान पर जूँ रेगती है । “सबको मालूम है एक बार कमल का चिह्न मिल जाये तो जीत पक्की है” इस लिये जनता की फ़िक्र न करते हुए प्रतिनिधि अपनी एनर्जी टिकट लेने में लगा देते है ।
आम जनता या विपक्ष कितनी भी आवाज़ उठाए उसको दबा दिया जाता है। राष्ट्रवादी जनसत्ता दल रेबीज के टीके तो लगा ही रहा है , उसके साथ साथ नुक्कड़ सभायें भी शुरू करेगा और रेबीज जैसी घातक बीमारी के बारे में ग़ाज़ियाबाद व यू पी की जनता को बतायेगा।
रेबीज क्या है..?
रेबीज एक घातक वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है। रेबीज वायरस आमतौर पर काटने से फैलता है। एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग लगभग हमेशा मृत्यु का कारण बनता है। इस कारण से, जिन लोगों को रेबीज होने का खतरा हो सकता है, उन्हें सुरक्षा के लिए रेबीज के टीके लगवाने चाहिए।
“रेबीज़ के टीके गाज़ियाबाद में फ्रिज ख़राब होने की वजह से फेंके जा रहे है”
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार (थूक) खुले घाव (आमतौर पर काटने से) में मिल जाती है। यह आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) में नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है।
जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो क्षति न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बनती है। वहां से रेबीज वायरस संक्रमित व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
अब बड़ा सवाल यह है इतनी गंभीर बीमारी के जीवन रक्षक टीके जिन्हे स्वास्थ विभाग को सम्हाल कर एक नियमित तापमान में फ्रिज में रखने चाहिए, उसे गाज़ियाबाद का स्वास्थ विभाग कूड़े में फेंक रहा है,
यह वही गाज़ियाबाद है,
जहां पांच विधायक सरकार के,
दो राज्यमंत्री सरकार के,
एक मेयर सरकार की,
एक केंद्रीय मंत्री सरकार के फिर भी गाज़ियाबाद की जानता अपने आप को ठगा सा महसूस करती रहती है,
“आख़िरकर वोट के बदले इस अव्यवस्था को कब तक जनता को सहना पड़ेगा”
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