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Ghaziabad IB अधिकारी ने बहन के साथ खाया जहर दोनों की मौत

BPC News National Desk
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मयंक गुप्ता Ghaziabad 

शहर के प्रतिष्ठित Ghaziabad गोविंदपुरम इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सेंट्रल इंटेलिजेंस ब्यूरो (CIB) में कार्यरत अविनाश कुमार और उनकी नाबालिग बहन ने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना बुधवार देर शाम की है, जब दोनों को तुरंत सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Govindpuram suside case
Govindpuram suicide case

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संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अविनाश कुमार केंद्रीय खुफिया एजेंसी में कार्यरत थे, जबकि उनकी बहन स्थानीय स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। दोनों के माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं। घटना की सूचना मिलते ही Ghaziabad गोविंदपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अभी तक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिसके चलते आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।

पुलिस की जांच जारी

Ghaziabad एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि इस कदम के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

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पड़ोसियों में स्तब्धता, सामान्य था व्यवहार

इस घटना से Ghaziabad गोविंदपुरम में शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसियों के अनुसार, अविनाश और उनकी बहन का व्यवहार मिलनसार और सामान्य था। किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि दोनों इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं। एक पड़ोसी ने बताया, “वे दोनों बहुत अच्छे बच्चे थे। हम सभी इस घटना से सदमे में हैं।”

सवालों में घिरी घटना

यह दुखद घटना कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां थीं, जिन्होंने भाई-बहन को इस极端 कदम के लिए मजबूर किया? क्या यह पारिवारिक तनाव था, पढ़ाई का दबाव, या कोई और कारण? पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही सच सामने आएगा।

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मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत

यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिवार और समाज को मिलकर संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है। अगर समय रहते किसी की मनोदशा को समझ लिया जाए, तो ऐसी त्रासदियों को टाला जा सकता है।

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