नगर निगम की जमीन के चिन्हीकरण में तहसील से सहयोग की मांग, अवैध कब्जों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
गाजियाबाद नगर निगम की सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से सुरक्षित रखने को लेकर महापौर सुनीता दयाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नगर निगम की एक इंच जमीन भी कब्जा नहीं होने दी जाएगी। अब तक कई सौ करोड़ रुपये की बहुमूल्य भूमि को कब्जा मुक्त कराया जा चुका है और आगे भी यह अभियान और तेज किया जाएगा।
इसी क्रम में महापौर ने उपजिलाधिकारी सदर एवं नगर निगम अधिकारियों के साथ अपने कैंप कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में स्थित नगर निगम की भूमि के विषय में विस्तार से चर्चा की गई।
इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस
बैठक में निम्न क्षेत्रों की भूमि पर चर्चा हुई:
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सिहानी स्थित भूमि
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मरियम नगर नंदग्राम
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कैला भट्टा
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अर्थला
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रजापुर
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अकबरपुर बेहरामपुर
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सदरपुर
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न्यू हिन्दन विहार
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सुदामापुरी
महापौर ने इन सभी स्थानों के खसरा नंबर सहित जानकारी साझा करते हुए निर्देश दिए कि भूमि के चिन्हीकरण में तहसील प्रशासन पूर्ण सहयोग करे, ताकि नगर निगम अपनी जमीन को सुरक्षित रख सके।
सामूहिक अभियान और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि भूमाफिया लगातार नगर निगम की भूमि पर नजर गड़ाए हुए हैं। जैसे ही सतर्कता कम होती है, वे कब्जे की योजना बनाने लगते हैं। इसे रोकने के लिए अब सामूहिक रूप से अभियान चलाया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
महापौर का स्पष्ट बयान
महापौर सुनीता दयाल ने कहा:
“हम वर्षों पुराने अवैध कब्जे हटवा चुके हैं और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। भूमाफियाओं की नजर हमारी जमीन पर है, लेकिन नगर निगम की 1 इंच भूमि भी कब्जा नहीं होने दी जाएगी। बड़ी-बड़ी जमीनों को मुक्त कराकर उन्हें नगर निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोग में लाया जाएगा।”
नगर निगम की आय बढ़ाने की भी योजना
नगर निगम द्वारा मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग भविष्य में पार्किंग, व्यावसायिक परिसर, सामुदायिक केंद्र आदि के रूप में किया जाएगा, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि हो सके और शहर के विकास को गति मिले।










