गाजियाबाद में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब आवेदकों को लाइसेंस प्राप्त करने से पहले ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था आज से गुलधर स्थित ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर लागू हो गई है।
गुलधर में ऑटोमैटेड टेस्टिंग ट्रैक तैयार
गाजियाबाद: गुलधर में बने आधुनिक और पूर्ण रूप से ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक को उपयोग के लिए तैयार कर दिया गया है। अब सभी आवेदकों का टेस्ट इसी ट्रैक पर लिया जाएगा।
टेस्ट मशीन-आधारित होगा और प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। पास होने के बाद ही आवेदक का ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
पारदर्शिता बढ़ेगी, दलालों का खेल खत्म होने की उम्मीद
नई व्यवस्था का उद्देश्य लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
ऑटोमैटेड सिस्टम लागू होने के बाद मानव हस्तक्षेप कम होगा, जिससे दलालों की भूमिका सीमित होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार,
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“पैसे देकर लाइसेंस बनवाने” जैसी गतिविधियों पर रोक लगेगी,
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टेस्ट का परिणाम केवल मशीन तय करेगी,
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प्रत्येक उम्मीदवार को समान अवसर मिलेगा।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी बताया जा रहा है कि सिस्टम के लागू होते ही कुछ दलाल नए तरीकों की तलाश कर रहे हैं, हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा प्रणाली मजबूत है।
उद्घाटन आज, प्रक्रिया होगी सख्त
एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि सोमवार को इस ऑटोमैटेड ट्रैक का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन के बाद यहां से सिर्फ वही आवेदक DL प्राप्त कर पाएंगे, जो इस ट्रैक पर निर्धारित टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे।

प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऑटोमैटेड प्रक्रिया लागू होने से
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ड्राइविंग टेस्ट अधिक विश्वसनीय,
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सुरक्षित,
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और निष्पक्ष होगा।
नियमों का पालन करने वाले आवेदकों के लिए यह प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।










