मेरठ में SIR अभियान के तहत ड्यूटी कर रहे बीएलओ (BLO) मोहित चौधरी ने मंगलवार को कथित उत्पीड़न से तंग आकर ज़हर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
मोहित चौधरी सिंचाई विभाग में लिपिक हैं और पिता की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। वर्तमान में उनकी ड्यूटी कैंट विधानसभा क्षेत्र में SIR अभियान के तहत बीएलओ के रूप में लगी थी।
घटना कैसे हुई?
मंगलवार को मोहित पल्लवपुरम के बूथ नंबर 18 पर गणना प्रपत्र भरने और जमा करने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
परिजनों के अनुसार, घटना से लगभग 30 मिनट पहले मोहित ने अपने रिश्तेदार अमित चौधरी को फोन कर बताया कि:
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सुपरवाइजर बार-बार कॉल कर रहे हैं
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गणना प्रपत्र में कमी बताकर उन्हें निलंबित करने की धमकी दे रहे हैं
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लगातार मानसिक दबाव डाल रहे हैं
अमित चौधरी के अनुसार, “मोहित पिछले कई दिनों से तनाव में था। आज सुपरवाइजर की लगातार धमकियों के बाद उसने यह कदम उठाया।”
अस्पताल में हंगामा, बीएलओ अफसरों पर आरोप
मोहित की हालत बिगड़ने की खबर मिलने पर:
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सिंचाई विभाग के कर्मचारी
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अधिकारी
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कई बीएलओ
अस्पताल पहुंचे और अफसरों पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
एक बीएलओ ने कहा:
“गणना प्रपत्र का सबसे ज्यादा दबाव बीएलओ पर है, लेकिन गलती बताकर धमकियां हमें ही दी जाती हैं। यही मानसिक दबाव अब जानलेवा बन रहा है।”
प्रशासन का बयान
एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश सिंह अस्पताल पहुंचे और स्थिति का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया:
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निर्वाचन आयोग ने गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 8 दिन बढ़ाई है
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यह राहत देने वाला निर्णय है
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बीएलओ द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच कराई जाएगी
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यह भी देखा जाएगा कि कारण अफसरों का दबाव था या कोई पारिवारिक समस्या
उन्होंने कहा:
“उत्पीड़न का मामला सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
बीएलओ परिजनों की मांग
परिजनों और बीएलओ ने मांग की:
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संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ FIR
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SIR अभियान में बीएलओ पर पड़ रहे मानसिक दबाव की जांच
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मोहित को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए
फिलहाल अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।









