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राशन कार्ड विवाद में युवक ने कलेक्ट्रेट पूर्ति कार्यालय में किया हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी

BPC News National Desk
3 Min Read

गाजियाबाद कलेक्ट्रेट हंगामा उस समय शुरू हुआ जब जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में एक युवक ने अपने निरस्त राशन कार्ड को लेकर जोरदार हंगामा कर दिया। अचानक हुए विवाद के कारण कई घंटों तक कार्यालय का कार्य पूरी तरह ठप हो गया।

निरस्त राशन कार्ड से नाराज़ युवक ने किया उत्पात

जानकारी के अनुसार, साहिबाबाद निवासी भानु प्रताप अपने राशन कार्ड के निलंबन को पुनः सक्रिय कराने के लिए कार्यालय आया था। कर्मचारियों का कहना है कि उसे कई बार प्रक्रिया समझाई गई, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था।

अचानक वह भड़क गया और स्टाफ से अभद्र भाषा में बात करने लगा। इसके कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यालय में अफरा-तफरी फैल गई।

गाजियाबाद कलेक्ट्रेट हंगामा बढ़ा, स्टोर रूम में घुसने का आरोप

कर्मचारियों ने बताया कि भानु प्रताप स्टोर रूम में घुस गया और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, उसने कार्यालय परिसर में जगह-जगह थूका जिससे महिला कर्मचारियों ने कड़ी आपत्ति जताई।

यह व्यवहार न केवल असभ्य था, बल्कि सरकारी व्यवस्था में बाधा डालने वाला भी माना गया।

पुलिस पहुंची, पर युवक दोबारा लौट आया धमकी देने

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि कुछ देर बाद युवक अपने पिता और अन्य लोगों के साथ वापस आया और स्टाफ को खुलेआम धमकाने लगा।
इस दौरान मौजूद आमजन और अन्य आवेदक भयभीत हो गए।

कलेक्ट्रेट में कामकाज घंटेभर ठप, कर्मचारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

लगातार हंगामे और धमकियों के कारण कई घंटे तक कामकाज लगभग रुक गया।

कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि—

  • कार्यालय में सुरक्षा कड़ी की जाए

  • ऐसे असामाजिक तत्वों पर तत्काल कार्रवाई हो

  • और सरकारी दफ्तरों में दुबारा ऐसी घटनाएं न होने दी जाएं

पुलिस ने गाजियाबाद कलेक्ट्रेट हंगामा मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की

पुलिस ने युवक के खिलाफ ये धाराएं लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है:

  • शासकीय कार्य में बाधा

  • अभद्रता

  • सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का प्रयास

  • संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

निष्कर्ष

गाजियाबाद कलेक्ट्रेट हंगामा एक बार फिर दिखाता है कि सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा और अनुशासन कितना जरूरी है। ऐसी घटनाएँ न केवल कामकाज में बाधा डालती हैं बल्कि आम नागरिकों को भी असुविधा पहुंचाती हैं।

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