गाजियाबाद, 06 दिसंबर। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मेरठ मंडलायुक्त एवं प्राधिकरण बोर्ड अध्यक्ष भानू चंद्र गोस्वामी ने प्राधिकरण मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना की प्लानिंग, डिजाइनिंग व क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

प्लानिंग, डिजाइन और समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मंडलायुक्त ने हरनंदीपुरम योजना की अब तक की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने प्लानिंग सेक्शन, भू-अर्जन अनुभाग और अभियंत्रण विभाग को परस्पर पूर्ण समन्वय में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, “किसी भी योजना की सफलता उसकी प्लानिंग और डिजाइनिंग की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इसलिए चयनित एजेंसी के कार्यों की स्कोप ऑफ वर्क के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य है।”
चयनित एजेंसी अगले सप्ताह देगी विस्तृत प्रस्तुतीकरण
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि चयनित एजेंसी को आगामी सप्ताह में योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Detailed Presentation) देना होगा, जिसमें संपूर्ण मास्टर प्लान, डिजाइन, विकास चरण और स्पष्ट टाइमलाइन शामिल हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर अनुचित देरी पर एजेंसी के विरुद्ध भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

निर्माण में आधुनिक तकनीक और लैब की अनिवार्यता
निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक संसाधनों और प्रमाणित लैबोरेटरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर सौंदर्यीकरण योजना के तहत स्ट्रक्चरल डिजाइन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
लैंड ऑडिट रिपोर्ट और अवैध निर्माण पर सख्ती
बैठक में लैंड ऑडिट रिपोर्ट को योजनाबद्ध ढंग से शीघ्र पूरा करने को कहा गया। इसके साथ ही अनधिकृत संपत्तियों की पहचान कर उनका त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
स्वीकृत मानचित्रों के विपरीत किसी भी निर्माण पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समीक्षा बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, सचिव राजेश कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, सभी अतिरिक्त सचिव, वित्त नियंत्रक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जल्द मिलेगा शहर को आधुनिक आवासीय क्षेत्र
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, मंडलायुक्त की सख्ती के बाद हरनंदीपुरम योजना के जल्द मूर्त रूप लेने की उम्मीद बढ़ गई है। शहरवासियों को निकट भविष्य में एक आधुनिक, सुनियोजित और आकर्षक आवासीय क्षेत्र मिलने की संभावना प्रबल हो गई है।










