दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ, 08 दिसंबर। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों पर एस्कलेटर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को एस्कलेटर के सुरक्षित उपयोग के नियमों की जानकारी देना और सार्वजनिक परिवहन में जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना है।
एस्कलेटर सुरक्षा को लेकर विशेष मुहिम—अधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से शुरुआत
अभियान का पहला चरण आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ साउथ जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले नमो भारत स्टेशनों पर चलाया गया।
एनसीआरटीसी और संचालन भागीदार डीबी आरआरटीएस इंडिया के स्टाफ ने यात्रियों से सीधे संवाद कर सुरक्षा नियम समझाए।
यात्रियों को बताए गए प्रमुख सुरक्षा नियम
अभियान के दौरान स्टाफ ने यात्रियों को निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी—
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एस्कलेटर उपयोग के दौरान बच्चों का हाथ मजबूती से पकड़ें
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हमेशा हैंडरेल का सहारा लें
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धक्का-मुक्की और जल्दबाजी से बचें
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एस्कलेटर पर चलते समय मोबाइल का उपयोग न करें
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भारी एवं बड़े सामान के लिए लिफ्ट का उपयोग करें
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आपात स्थिति में तुरंत इमरजेंसी बटन दबाएं
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
एस्कलेटर दुर्घटनाओं में बच्चों के चोटिल होने का जोखिम अधिक होता है, इसलिए इस अभियान में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
स्टाफ ने अभिभावकों को बताया—
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बच्चों को एस्कलेटर के किनारों से दूर रखें
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बच्चों को मज़ाक में एस्कलेटर पर चढ़ने-उतरने न दें
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एस्कलेटर पर दौड़ने से रोकें
यह संवाद सीधे उन यात्रियों से किया गया जो बच्चों के साथ यात्रा कर रहे थे।
स्टेशनों पर पोस्टर, बैनर और ट्रेन के अंदर भी जागरूकता
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों में जगह-जगह बैनर और पोस्टर लगाए गए, जिनमें सुरक्षा निर्देश स्पष्ट रूप से लिखे गए।
इसके अलावा, डीबी आरआरटीएस इंडिया के स्टाफ ने ट्रेनों के अंदर यात्रियों से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षित यात्रा की अपील की।
यात्रियों ने पहल की सराहना की
अनेक यात्रियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल हादसों की रोकथाम में मदद करती हैं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी का भाव भी बढ़ाती हैं।
कई यात्रियों ने विशेष रूप से बच्चों को लेकर जागरूकता को उपयोगी बताया।
एनसीआरटीसी द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नमो भारत स्टेशनों पर:
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सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं
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एक सेंट्रल सिक्योरिटी कंट्रोल सेंटर के माध्यम से 24×7 निगरानी
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प्रत्येक स्टेशन पर पुलिस रूम
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प्रवेश द्वार पर मल्टी-ज़ोन DFMD मेटल डिटेक्टर के जरिए सुरक्षा जांच
ये सभी सुविधाएँ यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाती हैं।
55 किलोमीटर का सेक्शन परिचालित, शेष जल्द होगा शुरू
वर्तमान में 82 किमी लंबे दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ RRTS कॉरिडोर का 55 किमी सेक्शन
(न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ)
11 स्टेशनों के साथ परिचालन में है।
कॉरिडोर का शेष हिस्सा भी जल्द जनता के लिए खोला जाएगा।










