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मुख्यमंत्री के आगमन पर क्यों प्रशासन इतना डर जाता है कि स्थानीय नेताओं को किया जाता है हाउस अरेस्ट

BPC News National Desk
3 Min Read

गाजियाबाद, 08 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान गाजियाबाद प्रशासन ने एक बार फिर पार्षद नीरज गोयल को हाउस अरेस्ट कर दिया। लगातार बढ़े हुए हाउस टैक्स के विरोध के कारण यह तीसरी बार है जब मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।

CM से मिलने का प्रयास, लेकिन प्रशासन ने रोका

दो महीने पहले पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हाउस टैक्स मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की मांग की थी। इसके बाद से हर बार मुख्यमंत्री के आगमन पर पार्षद नीरज गोयल और पूर्व पार्षद जाकिर अली को पुलिस द्वारा घर या कार्यालय पर ही रोक दिया जाता है।

आज भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब नेहरू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में बैठक के लिए पहुंचे, तो पुलिस ने नीरज गोयल को सुबह से ही उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर दिया।

CM के दौरे पर पार्षद नीरज गोयल को तीसरी बार हाउस अरेस्ट

व्यापारी नेताओं व RWA प्रतिनिधियों ने की मुलाकात

हाउस अरेस्ट की जानकारी मिलते ही कई व्यापारी नेता और RWA प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे। इनमें शामिल रहे—

  • सुभाष छाबड़ा

  • अशोक चावला

  • राकेश स्वामी

  • कर्मवीर नागर

  • रजनीश बंसल

  • सुरेश गुप्ता

  • अधिवक्ता नवीन अग्रवाल

  • मुकेश कुमार (RWA)

  • आलोक गोयल

  • गोपाल अग्रवाल

  • किराना मंडी से अवधेश सिंघल

सभी ने एक स्वर में कहा कि नगर निगम द्वारा अनुचित तरीके से हाउस टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को इस विषय पर हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करनी चाहिए।

नीरज गोयल ने फूल देकर किया स्वागत

मुलाकात के दौरान पार्षद नीरज गोयल ने पुलिस कर्मियों और आए हुए सभी गणमान्य लोगों का फूल देकर स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स बढ़ोतरी जनता के साथ अन्याय है और वह इसी मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों को भी रोका गया

जानकारी के अनुसार, पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य जब नीरज गोयल से मिलने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें भी उनके कार्यालय पर ही रोक दिया और आगे बढ़ने नहीं दिया।

लोकल नेताओं को हाउस अरेस्ट करने पर सवाल

स्थानीय नेताओं और व्यापारियों का कहना है कि
“हर बार मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय पार्षदों को रोकना उचित नहीं है। जनता के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।”

इस घटना के बाद शहर के राजनीतिक माहौल में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है और हाउस टैक्स विवाद और तेज होने की संभावना है।

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