उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पुलिस कार्मिकों की तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक क्षमता को परखने के उद्देश्य से वर्ष भर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इसी क्रम में 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार में 23वीं प्रादेशिक जनपदीय/वाहिनी पुलिस वैज्ञानिक प्रतियोगिता–2025 का आयोजन किया गया।
तीन दिवसीय इस आयोजन में वैज्ञानिक अनुसंधान, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कंप्यूटर, एंटी-सबोटॉज और डॉग स्क्वाड से जुड़ी स्पर्धाएं शामिल रहीं।
रुद्रप्रयाग पुलिस का उत्कृष्ट प्रदर्शन
रुद्रप्रयाग पुलिस पदक जीत की इस उपलब्धि में टीम ने विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक इवेंट्स में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान पुलिस कार्मिकों ने पेशेवर कौशल और प्रशिक्षण का प्रभावी उपयोग किया।
पदक विजेताओं का विवरण
-
आरक्षी शोभाशीष भट्ट – प्रोफेशनल फोटोग्राफी, प्रथम स्थान (स्वर्ण पदक)
-
उपनिरीक्षक सुरेश कुमार – मेडिको-लीगल स्पर्धा, द्वितीय स्थान (रजत पदक)
-
निरीक्षक नीलाभ खाली – कानून एवं अधिनियम, तृतीय स्थान (कांस्य पदक)
-
उपनिरीक्षक अभिसूचना देवी प्रसाद उप्रेती – क्राइम सीन फोटोग्राफी, तृतीय स्थान (कांस्य पदक)
-
मुख्य आरक्षी नरेन्द्र सिंह – कंप्यूटर प्रतियोगिता, तृतीय स्थान (कांस्य पदक)
सम्मान समारोह और अतिथि
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड), मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन सचिव तृप्ति भट्ट, सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी, द्वारा विजेता कार्मिकों को पदक प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने दी बधाई
रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे ने सभी विजेता कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनपद पुलिस की समर्पण भावना और व्यावसायिक कुशलता को दर्शाती है। उन्होंने इसे पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्रशासनिक पृष्ठभूमि और महत्व
उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस बल को तकनीकी रूप से सशक्त और पेशेवर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह सफलता रुद्रप्रयाग पुलिस की समग्र कार्यक्षमता को भी रेखांकित करती है।
पुलिस वैज्ञानिक प्रतियोगिता में रुद्रप्रयाग पुलिस का प्रदर्शन विभागीय प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का प्रमाण है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी ऐसे आयोजन पुलिस बल की कार्यक्षमता को और मजबूत करेंगे।










