बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवादों के बीच भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज चार FIR मामलों में से दो में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
FIR निरस्त करने की मांग पर सुनवाई
सुरेश राठौर ने इन FIR को निरस्त करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट ने मामले में आरती गौड़ और धर्मेंद्र कुमार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
किस आधार पर दर्ज हुई थीं FIR
ये FIR अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा वायरल किए गए ऑडियो और वीडियो से जुड़े आरोपों के आधार पर दर्ज की गई थीं।
उर्मिला सनावर खुद को सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं।
इन वायरल सामग्री में अंकिता भंडारी मामले में कथित ‘VIP कनेक्शन’ का दावा किया गया था, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
क्या है पूरा पृष्ठभूमि मामला
2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
हाल ही में उर्मिला सनावर के वीडियो और ऑडियो वायरल होने के बाद मामला फिर चर्चा में आया, जिसमें भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम जोड़ा गया।
पुलिस और सरकार का रुख
उत्तराखंड पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जांच में किसी VIP की भूमिका नहीं पाई गई है।
भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने आरोपों को झूठा बताते हुए मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।
विपक्ष की CBI जांच की मांग
इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष लगातार CBI जांच की मांग कर रहा है।
वहीं सरकार और पुलिस का कहना है कि विश्वसनीय सबूत मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राठौर की मुश्किलें कुछ कम
हाईकोर्ट से मिली इस राहत के बाद सुरेश राठौर की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कुछ कम हुई हैं।
हालांकि, अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं और मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
सियासी हलचल बरकरार
इस फैसले से राज्य की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है।
आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।










