मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने पौड़ी गढ़वाल स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदलकर ‘स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी’ कर दिया है। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले ही कर दी गई थी नामकरण की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ समय पूर्व इस कॉलेज का नाम स्वर्गीय अंकिता भंडारी के नाम पर करने की घोषणा की थी। गुरुवार को जारी शासनादेश में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंकिता के माता-पिता की मांग पर शुरू हुई सीबीआई जांच की प्रक्रिया
इसी के साथ शासन ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग पर हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने के लिए विधिक परीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कानूनी पहलुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री बोले – माता-पिता के दर्द को सरकार समझती है
राजपुर रोड में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले में सबसे अधिक पीड़ा अंकिता के माता-पिता को हुई है। सरकार उनकी भावनाओं और मांगों को गंभीरता से ले रही है और जल्द निर्णय लिया जाएगा।
विपक्ष पर तीखा हमला, अस्थिरता फैलाने का आरोप
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकरण में जिम्मेदारी का भाव दिखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक ऑडियो सामने आने के बाद राज्य में जानबूझकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है।
भ्रम फैलाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए: सीएम
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कानूनी पहलुओं पर विमर्श जारी है और माता-पिता ने जो मांगें रखी हैं, उन पर शीघ्र फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को भ्रमित करने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने झकझोरा था पूरा राज्य
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। इस कॉलेज का नामकरण और सीबीआई जांच की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को पीड़ित परिवार की मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल माना जा रहा है।
पीड़ित परिवार की मांगों की ओर सरकार का सकारात्मक कदम
सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों को अंकिता के माता-पिता और समर्थकों ने न्याय की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। अब सभी की निगाहें आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।










