हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी और उनके बेटे हर्ष चौधरी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को गाजियाबाद में भारी उबाल देखने को मिला। हजारों की संख्या में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता और समर्थक कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पिंकी चौधरी की तत्काल रिहाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गिरफ्तारी अनुचित है और इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले शालीमार गार्डन क्षेत्र में आत्मरक्षा के नाम पर तलवार वितरण से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने पिंकी चौधरी, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी क्रम में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
हिंदू रक्षा दल ने बताया राजनीतिक साजिश
हिंदू रक्षा दल के नेताओं का दावा है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और संगठन को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से हिंदू समाज की सुरक्षा और अधिकारों की बात कर रहे हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में भारी भीड़, महिलाएं और युवा भी शामिल
कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने “पिंकी चौधरी को रिहा करो”, “हिंदू एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का बयान: हम चुप नहीं बैठेंगे
एक कार्यकर्ता ने कहा,
“पिंकी भैया ने हिंदू समाज की रक्षा के लिए आवाज उठाई, लेकिन पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर रही है। हम चुप नहीं बैठेंगे। जब तक रिहाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।”

कलेक्ट्रेट पर भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। हालांकि, किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे और उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की अपील की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
हिंदू रक्षा दल के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पिंकी चौधरी और अन्य कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो संगठन पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगा।
प्रशासन पर टिकी निगाहें
अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।










