उत्तर प्रदेश सरकार ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के दाखिले को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब कक्षा-1 और पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत दाखिले के लिए बच्चे का नहीं बल्कि माता या पिता (अभिभावक) का आधार नंबर देना अनिवार्य होगा।
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने दी जानकारी
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा त्यागी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय दाखिला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
20 से 25 जनवरी के बीच जारी होंगे विस्तृत दिशा-निर्देश
उन्होंने बताया कि पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और शिक्षा विभाग द्वारा 20 से 25 जनवरी के बीच आरटीई दाखिलों से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
अभिभावक का आधार और बैंक खाता होगा अनिवार्य
शासनादेश के अनुसार आवेदन पत्र में अभिभावक को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण देना भी अनिवार्य किया गया है।
हर चयनित छात्र को मिलेंगे ₹5500
आरटीई के अंतर्गत चयनित प्रत्येक छात्र को किताबें, यूनिफॉर्म और अभ्यास पुस्तिकाएं खरीदने के लिए ₹5500 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे अभिभावक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
सीडीओ और बीएसए की सराहना
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने आरटीई दाखिलों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) का आभार व्यक्त किया है।
आईपीए को है शत-प्रतिशत दाखिले की उम्मीद
आईपीए ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष आरटीई दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सरल और निष्पक्ष होगी तथा सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा।
गरीब और वंचित बच्चों के लिए बड़ी राहत
इस बदलाव को गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंद बच्चों को लाभ मिलेगा।










