एडिफ़ाई स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सर्दियों की छुट्टियों के दौरान उत्तराखंड के चोपता में एक रोमांचक और साहसिक विंटर ट्रेक सफलतापूर्वक संपन्न किया। कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच छात्रों ने पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर न केवल साहस का परिचय दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन का संदेश भी दिया।
यह ट्रेक शुक्रवार को पूरा हुआ और शनिवार को सभी छात्र सुरक्षित देहरादून वापस लौटे।
बर्फबारी और ठंड में छात्रों का अद्भुत साहस
उत्साही छात्रों का एक समूह अपने स्पोर्ट्स टीचर और फैकल्टी मेंबर्स के साथ चोपता की बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर ट्रेकिंग करता नजर आया। कड़ाके की ठंड और कठिन रास्तों के बावजूद छात्रों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ यह चुनौती पूरी की।

पर्यावरण बचाओ अभियान का बने हिस्सा
ट्रेक के दौरान छात्रों ने पहाड़ियों की चोटियों पर “पर्यावरण बचाओ” का संदेश दिया।
उन्होंने रास्ते में पड़ी प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा इकट्ठा कर नीचे लाया और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह पहल छात्रों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाती है।
स्कूल डायरेक्टर पंकज होलकर भी रहे साथ
इस यादगार यात्रा में स्कूल के डायरेक्टर एडवोकेट पंकज होलकर भी छात्रों के साथ शामिल हुए। उन्होंने बच्चों के बीच रहकर टीमवर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत किया।
उन्होंने कहा,
“ऐसी गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। इससे उनमें टीम भावना विकसित होती है और शारीरिक-मानसिक मजबूती भी बढ़ती है।”
व्यायाम और शारीरिक गतिविधि पर दिया जोर
पंकज होलकर ने छात्रों को नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि क्लासरूम की पढ़ाई के अलावा आउटडोर एक्टिविटी से बच्चे जीवन के अनमोल हुनर सीखते हैं।

तीन दिन तक बर्फीले रास्तों पर ट्रेकिंग
छात्रों ने तीन दिनों तक बर्फ से ढके कठिन रास्तों पर ट्रेकिंग की। इस दौरान उन्होंने अपनी सीमाओं को पार किया, चुनौतियों का सामना किया और एक-दूसरे का साथ निभाना सीखा।
यह अनुभव छात्रों के लिए सीखने, जुड़ने और यादगार पल संजोने का अवसर बना।
समग्र शिक्षा की दिशा में एडिफ़ाई स्कूल की पहल
यह ट्रेक एडिफ़ाई स्कूल की समग्र शिक्षा (Holistic Education) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो कक्षा से बाहर भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर जोर देता है।
शिक्षकों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से छात्रों में
-
आत्मविश्वास,
-
अनुशासन,
-
नेतृत्व क्षमता,
-
और सामाजिक जिम्मेदारी
का विकास होता है।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह
इस ट्रेक के बाद छात्रों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर जीवन की असली सीख देती हैं।










