नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ जाने से रोक दिया, जिसके बाद यूपी बॉर्डर पर पुलिस और सांसद के समर्थकों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। चंद्रशेखर आजाद दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ जा रहे थे।
एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित
पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को रोकने के लिए एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सख्त बैरिकेडिंग कर दी।
वेदांता फार्म हाउस के सामने दिल्ली जाने वाली लेन बंद कर दी गई और डीएमई व एनएच-9 का सारा ट्रैफिक हापुड़ की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
इससे दोनों हाईवे पर भीषण जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
यूपी गेट पर हुई तीखी नोकझोंक
मेरठ जाने से पहले जब चंद्रशेखर आजाद यूपी गेट पहुंचे, तो पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। सांसद मेरठ जाने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों और यातायात व्यवस्था का हवाला देकर आगे बढ़ने से रोक दिया।
“पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा हूं” – चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि वे दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि
“पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना गलत है, यह जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन है।”
काशी टोल प्लाजा बंद, इसी वजह से रोका गया – पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेरठ में काशी टोल प्लाजा दिल्ली से आने वाले वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है, इसी कारण गाजियाबाद से ही वाहनों को मेरठ की ओर नहीं जाने दिया जा रहा।
पुलिस का कहना है कि यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया कदम है।
डीसीपी स्तर के अधिकारी मौके पर, हर वाहन की जांच
स्थिति को संभालने के लिए
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डीसीपी ग्रामीण,
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डीसीपी ट्रांस हिंडन
सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भोजपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तैनात हैं।
हर वाहन की सघन जांच की जा रही है। वाहनों की कतार कलछीना तक पहुंच गई है।
सैकड़ों वाहन जाम में फंसे, लोग परेशान
जाम के कारण
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ऑफिस जाने वाले कर्मचारी,
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एंबुलेंस,
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और लंबी दूरी के यात्री
घंटों से फंसे हुए हैं।
लोगों ने सोशल मीडिया पर जाम की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस बल की भारी तैनाती
दिल्ली से यूपी की ओर आने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
राजनीतिक हलकों में हलचल तेज
चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे दलित उत्पीड़न के मामले में आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।
स्थिति पर लगातार नजर
फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही यातायात सामान्य कराया जाएगा।







