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ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला: 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग अनिश्चितकाल के लिए बंद

BPC News National Desk
3 Min Read

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक बार फिर अपनी सख्त आप्रवासन नीति को आगे बढ़ाते हुए 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा (ग्रीन कार्ड) प्रोसेसिंग को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) ने 14 जनवरी 2026 को इस फैसले की घोषणा की, जो 21 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।

इस फैसले से रूस, अफगानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व, लैटिन अमेरिका और बाल्कन क्षेत्र के कई देश प्रभावित होंगे।

किन वीज़ा पर रोक, किन पर नहीं?

स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि:

  • यह रोक केवल इमिग्रेंट वीज़ा (स्थायी निवास / ग्रीन कार्ड) पर लागू होगी।

  • नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा जैसे टूरिस्ट, बिजनेस, स्टूडेंट और शॉर्ट-टर्म वीज़ा प्रभावित नहीं होंगे

सरकार का तर्क: “पब्लिक चार्ज” की चिंता

व्हाइट हाउस और स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, यह कदम उन आवेदकों को रोकने के लिए उठाया गया है जो अमेरिका पहुंचकर “पब्लिक चार्ज” (यानी सरकारी वेलफेयर योजनाओं पर निर्भर) बन सकते हैं।

स्टेट डिपार्टमेंट के बयान के अनुसार:

“इन देशों से आने वाले कई आप्रवासी अमेरिकी टैक्सपेयर्स के संसाधनों पर अनुचित बोझ डालते हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नए आप्रवासी अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बोझ न बनें।”

ट्रंप की आप्रवासन नीति का विस्तार

यह फैसला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में आप्रवासन पर सख्ती की एक श्रृंखला का हिस्सा है।
दिसंबर 2025 में जारी प्रेसिडेंशियल प्रोक्लेमेशन 10998 के तहत पहले ही 39 देशों पर वीज़ा प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनमें 19 देशों पर पूर्ण प्रतिबंध था। अब यह नया कदम उस नीति को और विस्तार देता है।

स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक:

  • वीज़ा स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और सख्त नहीं किया जाता,

  • जिसमें स्वास्थ्य, आयु, अंग्रेजी ज्ञान, वित्तीय स्थिति और अन्य कारकों का मूल्यांकन शामिल है।

प्रभावित देशों की प्रमुख सूची

इस फैसले से प्रभावित देशों में शामिल हैं:
अफगानिस्तान, अल्बानिया, बांग्लादेश, ब्राजील, मिस्र, हैती, ईरान, इराक, नेपाल, नाइजीरिया, पाकिस्तान, रूस, सोमालिया, सीरिया, थाईलैंड, यमन, उरुग्वे, भूटान, कोलंबिया, बोस्निया, कुवैत, जॉर्डन, मंगोलिया, मोरक्को सहित कुल 75 देश।

वैश्विक प्रतिक्रिया और विवाद

यह फैसला वैश्विक स्तर पर विवादास्पद रहा है। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने इसे:

  • भेदभावपूर्ण,

  • और अमानवीय
    बताया है।

वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा,

  • आर्थिक स्थिरता,

  • और अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।

हजारों परिवार होंगे प्रभावित

इस फैसले से:

  • हजारों परिवारों की रीयूनिफिकेशन योजनाएं रुक जाएंगी,

  • ग्रीन कार्ड आवेदकों को अनिश्चितकाल तक इंतजार करना पड़ेगा,

  • और कई लोगों के कैरियर व भविष्य की योजनाएं प्रभावित होंगी।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कानूनी आप्रवासन को और सीमित करने की दिशा में बड़ा प्रयास है, जिसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था, श्रम बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर लंबे समय तक पड़ सकता है।

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