Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

814700
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा कबूलनामा: ऑपरेशन सिंदूर को ‘बहुत बड़ा हमला’ बताया, मुरीदके मुख्यालय को नुकसान स्वीकारा

BPC News National Desk
4 Min Read

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पहली बार भारत के ऑपरेशन सिंदूर की मारक क्षमता को खुले तौर पर स्वीकार किया है। लश्कर के शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने मुरीदके में दिए एक भाषण में कहा कि 6–7 मई 2025 की रात हुआ हमला “बहुत बड़ा” और “बेहद खतरनाक” था। उन्होंने यह भी माना कि भारतीय हमलों से मुरीदके स्थित मरकज़-ए-तैयबा (मुख्यालय) को भारी नुकसान पहुंचा।

“वह जगह अब मस्जिद नहीं रही”

हाफिज अब्दुल रऊफ (जो अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित है) ने कहा:

6–7 मई को जो हुआ, वह जगह अब मस्जिद नहीं रही। आज वहां बैठना भी मुश्किल है। सब कुछ खत्म हो गया, ढह गया।

यह बयान लश्कर की ओर से ऑपरेशन सिंदूर की सबसे प्रत्यक्ष और स्पष्ट स्वीकारोक्ति माना जा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान और उससे जुड़े संगठन इन हमलों को कमतर बताने या इनकार करने की कोशिश करते रहे थे।

ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले का जवाब

ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी पहले द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे लश्कर का ही फ्रंट माना जाता है।

7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें:

  • लश्कर का मुरीदके मुख्यालय,

  • और जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर ठिकाना
    प्रमुख लक्ष्य थे।

भारतीय सेना ने तब कहा था कि हमले केवल आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित थे, किसी सैन्य या नागरिक सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया।

प्रमुख आतंकी मारे गए

इस ऑपरेशन में कई बड़े आतंकी मारे गए, जिनमें:

  • मुदस्सर खादियन खास (अबू जंदल) – लश्कर का ऑपरेशनल हेड
    शामिल था।

मुरीदके में मारे गए आतंकियों के जनाजे में हाफिज अब्दुल रऊफ ने खुद नमाज पढ़ाई थी। इन जनाजों में पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारी भी मौजूद थे और ताबूतों को पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज से ढका गया था। भारत ने इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद का सबूत बताया था।

पाकिस्तान का इनकार अब बेनकाब

पाकिस्तान ने शुरू में इन हमलों को “नागरिक क्षेत्रों पर हमला” बताया था। लेकिन अब लश्कर कमांडर का यह कबूलनामा:

  • पाकिस्तान के दावों को झुठलाता है,

  • और यह साबित करता है कि आतंकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाया गया था।

विश्लेषकों की राय: भारत की शून्य-सहनशीलता नीति की सफलता

विश्लेषकों का कहना है कि यह कबूलनामा:

  • भारत की शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) नीति की सफलता दिखाता है,

  • और आतंकी संगठनों के मनोबल पर गहरा असर डालता है।

ऑपरेशन के बाद आतंकी ठिकानों के पुनर्निर्माण की खबरें आई हैं, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय दबाव का आधार

भारतीय विदेश मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। लश्कर का यह कबूलनामा:

  • पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करता है,

  • और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दबाव बढ़ाने का मजबूत आधार देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के बाद पाकिस्तान पर आतंकी ढांचे को पनाह देने के आरोप और मजबूत होंगे।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *