नगर निगम गाजियाबाद द्वारा शालीमार गार्डन स्थित 80 फुटा रोड, विक्रम एन्क्लेव क्षेत्र में प्रेरणा स्थल के उद्घाटन से पहले युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रेरणा स्थल का उद्घाटन शीघ्र ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा किया जाना प्रस्तावित है, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
भाजपा पार्षद और डिप्टी मेयर कर रहे निरीक्षण
वार्ड 37 के भाजपा पार्षद रवि भाटी लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं डिप्टी मेयर सरदार सिंह भाटी स्वयं मौके पर पहुंचकर सफाई अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं। नगर निगम की टीमें सड़क, नालियों और आसपास के क्षेत्र की सफाई में लगी हुई हैं ताकि उद्घाटन कार्यक्रम से पहले क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ और व्यवस्थित किया जा सके।
अतिक्रमण और लावारिस गाड़ियां बनी बड़ी समस्या
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि 80 फुटा रोड पर वर्षों से अतिक्रमण की भरमार लगी हुई है। सड़क किनारे कई गाड़ियां लावारिस हालत में खड़ी हैं, जिन पर न तो नगर निगम और न ही पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये अधिकतर दिल्ली नंबर की गाड़ियां हैं, जो सालों से सड़क पर खड़ी हैं और अब उपमुख्यमंत्री का काफिला भी इसी मार्ग से गुजरने वाला है।
पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इन गाड़ियों की शुद्ध लेने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि उद्घाटन से पहले इन लावारिस वाहनों को हटाया जाता है या नहीं।
अवैध कार वॉश और NGT उल्लंघन
इसके अलावा क्षेत्र में दर्जनों अवैध कार वॉशिंग सेंटर भी संचालित हो रहे हैं। ये सेंटर सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर धुलाई करते हैं, जिससे:
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हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है,
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भूजल का अवैध दोहन हो रहा है,
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और यह सब एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों का खुला उल्लंघन है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों पर अगर सख्ती से कार्रवाई की जाए तो न केवल ट्रैफिक सुधरेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

उद्घाटन से पहले प्रशासन के सामने चुनौती
प्रेरणा स्थल के उद्घाटन को लेकर जहां एक ओर उत्साह है, वहीं दूसरी ओर:
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अतिक्रमण,
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लावारिस वाहन,
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अवैध कार वॉश,
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और पुलिस की निष्क्रियता
जैसी समस्याएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
अब देखना यह होगा कि उपमुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन इन समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में 80 फुटा रोड को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।








