गाजियाबाद। जिले के अभिभावकों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 2 फरवरी 2026 से आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी, जो कुल तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी विवेक त्यागी ने बताया कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसके लिए अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
आरटीई दाखिला प्रक्रिया: तीन चरणों में होगा आवेदन
आरटीई के तहत आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित तीन चरणों में आयोजित की जाएगी—
- पहला चरण: 2 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026
- दूसरा चरण: 21 फरवरी 2026 से 7 मार्च 2026
- तीसरा चरण: 12 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026
इन चरणों में पात्र अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से सीट आवंटन किया जाएगा और चयनित बच्चों का दाखिला निजी विद्यालयों में कराया जाएगा।
आरटीई से लाखों बच्चों को मिलेगा लाभ
विवेक त्यागी ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क शिक्षा का अधिकार मिलता है। इससे समाज के उन बच्चों को भी समान शिक्षा का अवसर मिलता है, जो आर्थिक कारणों से निजी स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पाते।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष सही जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में बच्चे आरटीई का लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए इस बार समय रहते व्यापक प्रचार-प्रसार बेहद जरूरी है।
व्यापक प्रचार-प्रसार की मांग
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने जिला बेसिक शिक्षा विभाग से मांग की है कि आरटीई दाखिला प्रक्रिया की जानकारी को बड़े स्तर पर प्रचारित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा के अपने मौलिक अधिकार से वंचित न रहे।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि—
- ग्राम पंचायतों और वार्ड कार्यालयों में पोस्टर व बैनर लगाए जाएं
- सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आरटीई की जानकारी चस्पा की जाए
- सार्वजनिक स्थलों पर माइक और होर्डिंग के माध्यम से प्रचार किया जाए
- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाया जाए
शिक्षा विभाग से अपील
एसोसिएशन ने कहा कि यदि समय रहते सही जानकारी गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंची तो हजारों बच्चे आरटीई के लाभ से वंचित रह जाएंगे। इसलिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर हर पात्र परिवार तक जानकारी पहुंचानी चाहिए।









