चीन की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा भूचाल आ गया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन पर चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा गोपनीय डेटा अमेरिका को लीक करने, रिश्वत लेकर पदोन्नति देने और राजनीतिक गुटबाजी बढ़ाने के आरोप हैं।
झांग यूक्सिया को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सबसे करीबी और भरोसेमंद सैन्य सहयोगी माना जाता था। अब वही व्यक्ति चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे बड़ी आंतरिक जांच के केंद्र में है।
बंद कमरे की ब्रीफिंग में हुआ खुलासा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार,
24 जनवरी 2026 को चीनी सैन्य नेतृत्व के लिए एक गोपनीय उच्चस्तरीय ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें झांग यूक्सिया पर लगे आरोपों की जानकारी दी गई।
इसके एक दिन बाद, 25 जनवरी को चीन के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि:
जनरल झांग यूक्सिया “अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन” की जांच के दायरे में हैं।
हालांकि चीन ने सार्वजनिक रूप से परमाणु लीक की पुष्टि नहीं की है।
परमाणु डेटा लीक का सनसनीखेज दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक झांग यूक्सिया पर आरोप है कि उन्होंने:
-
चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम
-
संवेदनशील तकनीकी डेटा
-
अमेरिका को सौंपा
यह जानकारी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन (CNNC) के पूर्व प्रमुख गु जून की जांच से जुड़ी मिली है, जिन्हें पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसाया जा चुका है।
ब्रीफिंग में बताया गया कि:
-
गु जून से मिले सबूत
-
झांग को परमाणु सुरक्षा उल्लंघन से जोड़ते हैं
हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि कौन-सा डेटा, कब और कैसे लीक हुआ।
रिश्वत और पदोन्नति घोटाला
झांग यूक्सिया पर यह भी आरोप है कि उन्होंने:
-
रक्षा खरीद में घूस ली
-
वरिष्ठ सैन्य पदों की नियुक्ति में पैसे लिए
-
पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पद दिलाने के बदले रिश्वत ली
ली शांगफू को पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त किया जा चुका है।
इसके अलावा झांग पर:
-
“राजनीतिक गुटबाजी”
-
पार्टी के भीतर अलग शक्ति केंद्र बनाने
के आरोप भी लगाए गए हैं, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे गंभीर अपराध माने जाते हैं।
PLA में चल रही बड़ी सफाई
यह जांच राष्ट्रपति शी जिनपिंग की चल रही मिलिट्री क्लीन-अप ड्राइव का हिस्सा मानी जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में:
-
PLA के दर्जनों जनरल
-
रक्षा मंत्रालय के कई अधिकारी
-
CMC के सदस्य
हटाए जा चुके हैं।
झांग की जांच के बाद:
-
CMC में अब केवल 2 पद ही सक्रिय बचे हैं
-
जनरल लियू झेनली पर भी जांच शुरू हो चुकी है
-
वरिष्ठ अधिकारियों के फोन जब्त
-
दस्तावेज और सर्वर सीज
किए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय असर: अमेरिका-चीन तनाव और बढ़ेगा?
अगर परमाणु डेटा लीक की बात सही साबित होती है, तो यह:
-
चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे बड़ा संकट
-
शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य झटका
-
अमेरिका-चीन रिश्तों में नया टकराव
बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा:
-
अमेरिकी चुनावी राजनीति
-
ट्रंप प्रशासन
-
NATO और इंडो-पैसिफिक रणनीति
में भी बड़ा फैक्टर बन सकता है।
क्या यह राजनीतिक सफाई है?
कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि:
-
झांग शी जिनपिंग के बेहद करीबी थे
-
अचानक इतना बड़ा आरोप
-
सत्ता संतुलन बदलने की कोशिश हो सकती है
चीन में ऐसी जांचें अक्सर:
-
सत्ता मजबूत करने
-
आंतरिक विरोध खत्म करने
-
सेना पर पूर्ण नियंत्रण
का जरिया बनती रही हैं।
चीन की सत्ता व्यवस्था पर गहरा असर
झांग यूक्सिया की जांच से साफ संकेत मिलते हैं कि:
-
शी जिनपिंग अब किसी पर भी भरोसा नहीं कर रहे
-
PLA में बड़े पैमाने पर पुनर्गठन होगा
-
चीन की सैन्य नीति और कमांड स्ट्रक्चर बदलेगा
यह मामला सिर्फ एक जनरल का नहीं, बल्कि
पूरी चीनी सत्ता प्रणाली की स्थिरता पर सवाल खड़ा करता है।
स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।







