उत्तराखंड के चमोली जिले में साल 2026 की पहली भारी बर्फबारी के चलते ज्योतिर्मठ–औली मोटर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। औली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2 से 3 फीट तक बर्फ जम जाने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
यह मार्ग पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने का कार्य किया जा रहा है।
स्नो कटर मशीनों से दिन-रात चल रहा ऑपरेशन
जिला प्रशासन और PWD की टीमें स्नो कटर मशीनों, जेसीबी और अन्य हेवी मशीनरी की मदद से लगातार बर्फ हटाने में जुटी हुई हैं।
ज्योतिर्मठ से औली जाने वाली सड़क के कई संवेदनशील हिस्सों में:
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घुमावदार मोड़
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पुलों के आसपास
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तीव्र ढलान वाले क्षेत्र
पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है, जिसे हटाने में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
70% मार्ग साफ, 24–36 घंटे में खुलने की उम्मीद
लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:
“बर्फबारी के बाद से ही हमने स्नो कटर और भारी मशीनें तैनात कर दी हैं। मार्ग का लगभग 70% हिस्सा साफ किया जा चुका है, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी भी 2–3 फीट बर्फ जमी हुई है। हमारा लक्ष्य है कि अगले 24 से 36 घंटों में मार्ग को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाए।”
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
चमोली जिला प्रशासन ने औली जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष सलाह जारी की है:
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फिलहाल यात्रा टालने की सलाह
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यदि यात्रा अनिवार्य हो तो टायर चेन का प्रयोग अनिवार्य
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मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे और बर्फबारी संभव
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आपात स्थिति में 112 या जिला आपदा प्रबंधन केंद्र से संपर्क करें
औली पर्यटन के लिए जीवनरेखा है यह मार्ग
औली उत्तराखंड का प्रमुख:
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स्कीइंग डेस्टिनेशन
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विंटर टूरिज्म हब
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अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र
है, जहां सर्दियों में लाखों पर्यटक पहुंचते हैं।
ज्योतिर्मठ–औली मोटर मार्ग खुलते ही:
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होटल उद्योग
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स्की रिसॉर्ट
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लोकल ट्रांसपोर्ट
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पर्यटन गतिविधियां
फिर से पूरी तरह शुरू हो सकेंगी।
प्रशासन की प्राथमिकता: जल्द बहाल हो कनेक्टिविटी
चमोली जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
औली तक सड़क बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और आपात सेवाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
बर्फ हटाने में लगे कर्मचारियों और मशीन ऑपरेटरों की मेहनत यह साबित करती है कि विपरीत मौसम में भी उत्तराखंड प्रशासन जनता की सुविधा के लिए पूरी तरह समर्पित है।








