उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बीते दो दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी ने पूरे पर्वतीय क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया है। पिथौरागढ़ जिले की पर्यटन नगरी मुनस्यारी में कल शाम से शुरू हुई बर्फबारी आज सुबह भी जारी रही, जिसकी ताजा तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
मुनस्यारी की वादियां बनीं सर्दियों की जन्नत
ताजा तस्वीरों में मुनस्यारी की पहाड़ियां, गांव, खेत और ट्रेकिंग रूट मोटी बर्फ की परत से ढके नजर आ रहे हैं। दूर से दिखने वाली चोटियां पूरी तरह बर्फ से लकदक हैं, जिससे पूरा इलाका किसी पोस्टकार्ड जैसा दिखाई दे रहा है। पर्यटकों के लिए यह नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में बर्फबारी का व्यापक असर
मौसम विभाग के अनुसार 26–27 जनवरी से शुरू हुए इस पश्चिमी विक्षोभ का असर गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में देखने को मिला है। मुनस्यारी के साथ-साथ बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, चकराता और धनोल्टी में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है।
पंचाचूली समेत ऊंची चोटियां बर्फ से ढकी
पिथौरागढ़ जिले की प्रसिद्ध चोटियां — पंचाचूली, हंसलिंग और राजरंभा — पूरी तरह बर्फ से ढक गई हैं। वहीं निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे ठंड में और इजाफा हो गया है।
पर्यटकों में उत्साह, लेकिन अलर्ट भी जारी
लगातार बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। कई पर्यटक बर्फ में खेलते, स्नोमैन बनाते और तस्वीरें लेते नजर आए। हालांकि, बर्फबारी के कारण कुछ सड़कें प्रभावित हुई हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने एहतियातन अलर्ट जारी किया है।
पर्यटन और किसानों के लिए राहत की खबर
यह बर्फबारी उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। बर्फ से ढके पहाड़ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। साथ ही, यह हिमपात किसानों और बागवानों के लिए भी लाभकारी बताया जा रहा है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है।
अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 24 से 48 घंटों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रह सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।








