करीब 18 वर्षों की लंबी बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगा दी है। हैदराबाद हाउस में हुए इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट” बताया।
इस समझौते पर उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। यह डील दुनिया की करीब 25% GDP और एक-तिहाई वैश्विक व्यापार को कवर करती है।
96% से ज्यादा व्यापार पर टैरिफ में कटौती
भारत-EU FTA के तहत 96.6% से अधिक उत्पादों पर आयात शुल्क या तो खत्म किया जाएगा या फिर बड़े स्तर पर घटाया जाएगा।
इसका सीधा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं, मिडिल क्लास और हेल्थ-केयर सेक्टर को मिलेगा।
लग्जरी कारें होंगी काफी सस्ती
यूरोपीय लग्जरी कारों पर अभी भारत में 100–110% तक आयात शुल्क लगता है।
किन ब्रांड्स को फायदा?
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BMW
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Mercedes-Benz
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Audi
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Volkswagen
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Porsche
नया टैरिफ स्ट्रक्चर
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टैरिफ घटाकर 10% तक
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कोटा सिस्टम के तहत सालाना 2.5 लाख गाड़ियां
👉 इससे प्रीमियम कारों की कीमतों में 20–30% तक गिरावट संभव है।
बीयर, वाइन और प्रीमियम शराब सस्ती
अल्कोहल उपभोक्ताओं के लिए यह डील गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
टैरिफ में बदलाव
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बीयर: 110% → 50%
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स्पिरिट्स (व्हिस्की, वोडका): 150% → 40%
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प्रीमियम वाइन: 150% → 20–30% (चरणबद्ध)
फ्रांस, इटली, स्पेन की वाइन, जर्मन बीयर और स्कॉच व्हिस्की अब ज्यादा सुलभ होंगी।
मेडिकल और सर्जिकल उपकरण होंगे सस्ते
FTA के तहत:
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90% से ज्यादा मेडिकल डिवाइस पर टैरिफ जीरो
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कैंसर ट्रीटमेंट, MRI, CT स्कैन, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स होंगे सस्ते
👉 इलाज की लागत कम होगी, खासकर मिडिल क्लास और गंभीर रोगियों के लिए।
और क्या-क्या सस्ता होगा?
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ऑलिव ऑयल
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चॉकलेट, बिस्किट, पास्ता
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फ्रूट जूस, नॉन-अल्कोहलिक बीयर
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केमिकल्स और ऑप्टिकल उपकरण
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मशीनरी और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट
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एयरक्राफ्ट पार्ट्स
आपके लिए क्यों खास है यह डील?
आम उपभोक्ता
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बेहतर विकल्प
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कम कीमत
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यूरोपीय क्वालिटी प्रोडक्ट्स
रोजगार और निवेश
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6000+ यूरोपीय कंपनियां पहले से भारत में
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नए निवेश और हजारों नई नौकरियां
IT और सर्विस सेक्टर
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भारतीय IT, फाइनेंस और प्रोफेशनल सर्विसेज को यूरोप में आसान एंट्री
कब से मिलेगा फायदा?
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2026 के अंत तक कानूनी प्रक्रिया
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2027 से कीमतों और निवेश में असर दिखने की उम्मीद
भारत-EU FTA: सिर्फ व्यापार नहीं, रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार यह समझौता:
“वैश्विक उथल-पुथल के दौर में स्थिरता और साझा समृद्धि का नया मॉडल है।”
यह डील भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत बनाएगी।








