वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी 2026 (रविवार) को संसद में वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट माना जा रहा है। बजट दोपहर 11 बजे लोकसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
पहली बार रविवार को पेश होगा पूर्ण बजट
यह भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार होगा जब कोई पूर्ण केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। इसके लिए संसद और सचिवालय स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आमतौर पर बजट सप्ताह के कार्यदिवस में पेश किया जाता रहा है।
नॉर्थ ब्लॉक में हुई पारंपरिक हलवा सेरेमनी
मंगलवार को वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वित्त मंत्री ने बड़ी कड़ाही में बना हलवा बजट तैयार करने में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसा।
यह रस्म बजट प्रक्रिया के अंतिम चरण की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है।
हलवा सेरेमनी के बाद ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया शुरू
हलवा सेरेमनी के बाद बजट दस्तावेजों की प्रिंटिंग शुरू हो जाती है और इससे जुड़े अधिकारी ‘लॉक-इन’ मोड में चले जाते हैं।
इस दौरान:
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बाहरी संपर्क पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है
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मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया जाता
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बजट दस्तावेजों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता
चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में आ रहा है बजट
यह बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई बाहरी और आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है। खासकर अमेरिका द्वारा अगस्त 2025 से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ ने निर्यातकों पर दबाव बढ़ा दिया है।
इन टैरिफ्स से:
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टेक्सटाइल
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जेम्स एंड ज्वेलरी
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लेदर
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ऑटो कंपोनेंट्स
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कृषि उत्पाद
जैसे सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
FII बिकवाली और रुपये की कमजोरी चिंता का विषय
बजट से पहले बाजार की एक बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है।
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2025 में रिकॉर्ड ₹1.6–2.4 लाख करोड़ का आउटफ्लो
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2026 की शुरुआत में भी जनवरी के पहले दिनों में ₹7,600 करोड़+ की बिकवाली
इसके साथ ही रुपया 90–91 के स्तर पर कमजोर बना हुआ है।
बजट से क्या हैं प्रमुख उम्मीदें?
विशेषज्ञों और बाजार की नजरें बजट में इन बिंदुओं पर टिकी हैं:
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आयकर स्लैब में राहत
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स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाना
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LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) में छूट
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कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी
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MSME और निर्यातकों के लिए सपोर्ट
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इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस
उद्देश्य घरेलू मांग को मजबूत करना और वैश्विक दबावों से निपटना है।
बजट सत्र और इकोनॉमिक सर्वे
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बजट सत्र: 28 जनवरी से शुरू
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इकोनॉमिक सर्वे: 29 या 31 जनवरी को पेश होने की संभावना
इकोनॉमिक सर्वे मौजूदा आर्थिक हालात और आगामी सुधारों का खाका पेश करेगा।
1 फरवरी पर टिकीं सबकी नजरें
निवेशक, उद्योग जगत, मिडिल क्लास और आम जनता — सभी की नजरें अब 1 फरवरी को वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिकी हैं, जो आने वाले वर्षों के लिए भारत की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताएं तय करेगा।








