वार्ड संख्या 58 के मवई क्षेत्र में भारत गैस एजेंसी के सामने स्थित जल पंप पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। इस कारण सैकड़ों लोग पीने के पानी से वंचित हैं और गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी बनी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार पंप के इलेक्ट्रिकल पैनल में जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे कटआउट और MCB नहीं लगाए गए थे। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद विभाग ने लापरवाही बरती, जिससे पैनल और मोटर दोनों जलकर खराब हो गए।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत
पानी की कमी के कारण खाना बनाना, सफाई और कपड़े धोने जैसे रोजमर्रा के काम ठप हो चुके हैं। लोग दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं। कई परिवारों में स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आने लगी हैं।
टैक्स वसूली में सख्ती, सेवा में सुस्ती
निवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जल विभाग बिल वसूली में तो बेहद सक्रिय रहता है, लेकिन जब मूलभूत सेवा देने की बारी आती है तो अधिकारी नदारद रहते हैं।
विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क जाम और सामूहिक प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासन से तत्काल मांग
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पंप की तत्काल मरम्मत
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दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
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भविष्य के लिए स्थायी तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था
यह घटना गाजियाबाद जैसे स्मार्ट सिटी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को उजागर करती है।








