इंदिरापुरम एनएच-9 स्थित ग्रीन बेल्ट से नगर निगम गाजियाबाद द्वारा अवैध कब्जा हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई महापौर सुनीता दयाल के निर्देश पर नगर निगम के उद्यान विभाग, संपत्ति विभाग और ज़ोन अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
इस कार्रवाई में करीब 1100 मीटर भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है, को कब्जा मुक्त कराया गया है। यह भूमि अब जनहित कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
चार दिन पहले हुआ था निरीक्षण
चार दिन पूर्व महापौर सुनीता दयाल ने स्थानीय पार्षदों और निगम अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया था। उस दौरान मोमिन, प्रमोद और राजबलिया नामक व्यक्तियों द्वारा ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जा किया गया था।
इन लोगों ने कथित रूप से फर्जी पट्टे दिखाकर:
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खोखे
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नर्सरी
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दुकानें
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पशुपालन
जैसी गतिविधियां शुरू कर रखी थीं और स्थानीय लोगों से किराया वसूला जा रहा था।
स्वयं कब्जा हटाने की दी गई थी चेतावनी
महापौर ने निरीक्षण के दौरान सभी कब्जाधारियों को 2-3 दिन में स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी और कहा था कि अन्यथा नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।
लेकिन चेतावनी के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद नगर निगम ने आज सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी ग्रीन बेल्ट खाली करा ली।
महापौर का बयान
महापौर सुनीता दयाल ने कहा:
“ग्रीन बेल्ट पर गंदगी और अवैध गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। नगर निगम शहर हित में लगातार भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और आगे भी करेगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोबारा इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








