जिले में मीट की दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने सभी मीट विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे स्वास्थ्य, स्वच्छता और लाइसेंस से जुड़े सभी मानक सात दिनों के भीतर पूरे करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री की नाराजगी के बाद कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर मंत्री सुनील शर्मा की नाराजगी के बाद डीएम रविंद्र कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि कई मीट दुकानें:
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बिना वैध लाइसेंस
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गंदगी में संचालित
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बिना कोल्ड स्टोरेज
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खुले में मीट बिक्री
जैसी गंभीर लापरवाहियों के साथ चल रही हैं, जो जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं।
मीट विक्रेताओं के लिए अनिवार्य शर्तें
डीएम के आदेशानुसार सभी दुकानों को सुनिश्चित करना होगा:
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वैध लाइसेंस और फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन
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दुकान में साफ-सफाई और हाइजीन
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मीट के लिए फ्रिज / कोल्ड स्टोरेज
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कचरा निस्तारण की व्यवस्था
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कर्मचारियों का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
7 दिन बाद चलेगा विशेष अभियान: रविंद्र कुमार
सात दिन की अवधि समाप्त होने के बाद:
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खाद्य सुरक्षा विभाग
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नगर निगम
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पुलिस प्रशासन
की संयुक्त टीम द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
मानक पूरे न होने पर:
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भारी जुर्माना
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दुकान सील
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कानूनी मुकदमा
जैसी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम रविंद्र कुमार का बयान
डीएम रविंद्र मांदड़ ने कहा:
“जन स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी मीट विक्रेताओं को नियमों का पालन करना ही होगा, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
पहले भी हुई है कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी गाजियाबाद में अवैध मीट दुकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसमें कई दुकानें बंद की गईं और एफआईआर दर्ज की गई थी।
प्रशासन का यह कदम स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








