गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार इलाके में स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय इन दिनों शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्याओं का प्रतीक बन गया है। कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई कराने वाले इस स्कूल में सैकड़ों बच्चों की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ रहा है।
एक शिक्षक पर सैकड़ों बच्चों की जिम्मेदारी
स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक है।
मुख्य समस्याएं:
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केवल एक शिक्षक द्वारा सभी कक्षाओं की पढ़ाई
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बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान नहीं मिल पाना
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पढ़ाई की गुणवत्ता में गिरावट
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कक्षाओं का उचित संचालन असंभव
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में बच्चों का शैक्षिक विकास प्रभावित होना तय है।
जर्जर भवन बना बच्चों के लिए खतरा
विद्यालय की इमारत भी बेहद खराब हालत में है।
स्थिति इतनी खराब है कि:
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छतें जर्जर और टूटने की स्थिति में
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ब्लैकबोर्ड टूटे हुए
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कुर्सी-टेबल की भारी कमी
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
बीजेपी नेता राजेश गुप्ता ने किया दौरा
बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय सह-प्रभारी राजेश गुप्ता ने हाल ही में स्कूल का दौरा किया और हालात पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा:
“बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। एक शिक्षक से इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को पढ़ाना संभव नहीं है।”
उन्होंने स्कूल के शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की।
सुधार के लिए तत्काल कदमों का आश्वासन
राजेश गुप्ता ने स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए कुछ तत्काल उपायों का भरोसा दिया।
घोषित कदम:
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वॉलंटियर शिक्षकों की व्यवस्था
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नए ब्लैकबोर्ड लगवाना
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कुर्सी-टेबल उपलब्ध कराना
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जरूरी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना
हालांकि उन्होंने इसे अस्थायी समाधान बताया।
सरकार और विभाग से की कार्रवाई की मांग
उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से अपील की कि:
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पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए
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स्कूल भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण हो
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बुनियादी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं
उनका कहना था कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
यूपी की शिक्षा व्यवस्था की बड़ी समस्या
यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है।
उत्तर प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में:
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शिक्षकों की भारी कमी
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खराब भवन
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संसाधनों का अभाव
जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं।
निष्कर्ष: सुधार की मांग बना यह स्कूल
सिद्धार्थ विहार का यह प्राथमिक विद्यालय अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता का प्रतीक बन गया है।
स्थानीय अभिभावकों और नागरिकों की उम्मीद है कि इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई होगी, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।







