दिल्ली से सटे गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध 4-स्टार सरोवर पोर्टिको होटल में चल रहे एक संगठित हाई-प्रोफाइल देह व्यापार रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 11 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जबकि होटल मैनेजर समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को डायल-112 हेल्पलाइन के जरिए गुप्त सूचना मिली कि वैशाली स्थित महंगे होटल के कमरों में अवैध देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में कौशांबी और इंदिरापुरम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात सर्च ऑपरेशन चलाया।
छापेमारी के दौरान होटल में हड़कंप मच गया और कई कमरों से महिलाएं और ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में मिले।
व्हाट्सएप के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि यह रैकेट बेहद संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
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ग्राहकों को व्हाट्सएप पर महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं
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बुकिंग के आधार पर होटल के कमरों में बुलाया जाता था
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कुछ मामलों में बाहर भी “सर्विस” दी जाती थी
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प्रति ग्राहक 6,000 से 10,000 रुपये तक की डील तय होती थी
पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, फोटो और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
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राहुल शर्मा – होटल मैनेजर और मुख्य संचालक
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अंकित चौहान – ग्राहकों से संपर्क और डील फिक्स करता था
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सुनील – रैकेट संचालन में सहयोगी
तीनों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (Immoral Traffic Prevention Act) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के चार अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रेस्क्यू की गई महिलाओं की स्थिति
छापेमारी के दौरान 11 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक पूछताछ में कुछ महिलाओं ने बताया कि:
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उन्हें बहला-फुसलाकर इस धंधे में लाया गया
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कुछ आर्थिक मजबूरी के कारण जुड़ी थीं
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कई महिलाएं बाहरी राज्यों से लाई गई थीं
पुलिस ने सभी महिलाओं का विवरण दर्ज कर आगे काउंसलिंग और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
होटल प्रबंधन की भूमिका जांच के घेरे में
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि होटल प्रबंधन के अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस रैकेट में शामिल थे या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और इसमें हाई-प्रोफाइल ग्राहकों की संलिप्तता की भी आशंका है।
पुलिस का सख्त संदेश
गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक चुनौती और सुरक्षा का सवाल
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और मानव तस्करी से जुड़े गंभीर मुद्दों को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे रैकेटों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है।







