एस.बी.एन. पब्लिक स्कूल, नंदग्राम में गुरुवार को कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक भावुक और यादगार फेयरवेल पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस विदाई समारोह में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने मिलकर भावनात्मक पल साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान कई छात्र और शिक्षक भावुक नजर आए, क्योंकि बच्चे अपने स्कूल जीवन की सुनहरी यादों को पीछे छोड़कर नए सफर की ओर बढ़ रहे थे।
स्वागत भाषण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह की शुरुआत स्कूल की चेयरपर्सन डॉ. पुष्पा रावत के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा:
“आज हमारे बच्चे स्कूल की चौखट पार कर नई उड़ान भरने जा रहे हैं। यह विदाई भावुक जरूर है, लेकिन गर्व का भी विषय है।”
स्कूल के संस्थापक राजेंद्र रावत ने भी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कक्षा 12 के छात्रों ने समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें शामिल थे:
-
गीत और नृत्य
-
नाट्य प्रस्तुतियां (स्किट)
-
स्कूल जीवन की यादों से भरे भावुक वीडियो
इन प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और पिछले 14 वर्षों की यादें ताजा कर दीं।
जूनियर छात्रों ने दी विशेष विदाई
जूनियर छात्रों ने अपने सीनियर्स को खास अंदाज में विदाई दी:
-
टीका लगाकर सम्मान
-
फूलों की मालाएं पहनाकर स्वागत
-
उपहार और शुभकामनाएं
इस दौरान कई छात्र भावुक होकर रो पड़े, जबकि शिक्षक भी अपनी भावनाएं छिपा नहीं पाए।
छात्रों ने साझा की अपनी भावनाएं
एक छात्रा ने कहा:
“स्कूल ने हमें परिवार जैसा माहौल दिया। यहां के शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, बल्कि जीवन जीना सिखाते हैं।”
वहीं एक अन्य छात्र ने कहा:
“यहां की दोस्ती, शिक्षकों का स्नेह और स्कूल का हर कोना हमें हमेशा याद रहेगा।”
विशेष अतिथि की उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला प्रमुख अधिकारी (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग), गाजियाबाद रजनीश कुमार गर्ग उपस्थित रहे।
उन्होंने छात्रों को भविष्य में सफलता के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल करियर की कामना की।
छात्रों को दिए गए सम्मान
विदाई समारोह के दौरान:
-
प्रमाण पत्र प्रदान किए गए
-
स्मृति चिन्ह दिए गए
-
शिक्षकों का आशीर्वाद मिला
अभिभावकों ने भी स्कूल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
डायरेक्टर का प्रेरणादायक संदेश
स्कूल के डायरेक्टर तरुण रावत ने समापन पर कहा:
“यह विदाई अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हमारे बच्चे जहां भी जाएं, एस.बी.एन. की पहचान बनें और शिक्षा व संस्कार साथ लेकर आगे बढ़ें।”
स्कूल की गौरवशाली विरासत
1988 से स्थापित एस.बी.एन. पब्लिक स्कूल ने हजारों छात्रों को शिक्षा और संस्कार देकर सफलता की राह दिखाई है।
स्कूल प्रबंधन ने दोहराया कि उनकी प्रतिबद्धता हमेशा छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
निष्कर्ष
एस.बी.एन. पब्लिक स्कूल का यह फेयरवेल समारोह न केवल विदाई का अवसर था, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के बीच भावनात्मक संबंधों का प्रतीक भी बना।
यह आयोजन छात्रों के जीवन में एक यादगार और प्रेरणादायक पल के रूप में हमेशा याद रहेगा।







