गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट की सिविल उड़ान सेवाएं सर्दियों में घने कोहरे के कारण प्रभावित हो गई हैं। जहां कुछ महीने पहले तक यहां रोजाना करीब 25 उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 12 प्रतिदिन रह गई है।
एक साल में तेजी से बदला हालात
जुलाई 2025 में शुरू हुई सेवाओं के बाद एयरपोर्ट ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की थी। IndiGo और Air India Express सहित कई एयरलाइंस ने देश के बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू की थीं।
दिसंबर 2025 तक:
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रोजाना 50 फ्लाइट मूवमेंट
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लगभग 5,000 यात्री प्रतिदिन
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दिल्ली-एनसीआर का बड़ा वैकल्पिक एयरपोर्ट बन रहा था
कोहरे ने बिगाड़ा पूरा ऑपरेशन
दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच घने कोहरे और शून्य दृश्यता ने फ्लाइट संचालन को प्रभावित किया।
मुख्य कारण:
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कम विजिबिलिटी और मौसम बाधाएं
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CAT-III लैंडिंग सिस्टम की सीमित क्षमता
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कई फ्लाइट्स का रद्द या विलंबित होना
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यात्रियों की मौसमी कमी
एयरपोर्ट विस्तार की योजना
अधिकारियों के अनुसार भविष्य में स्थिति सुधारने के लिए:
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अतिरिक्त भूमि विस्तार योजना
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बेहतर मौसम-रोधी इंफ्रास्ट्रक्चर
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चेक-इन काउंटर बढ़ाने की तैयारी
दिल्ली एयरपोर्ट का विकल्प बना था हिंडन
यह एयरपोर्ट खासकर पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के यात्रियों के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का सुविधाजनक विकल्प बन रहा था।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम सुधार के बाद उड़ानों की संख्या फिर बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस पहले से जांचने की सलाह दी जा रही है।







