सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University को AI Summit Expo से तुरंत अपना स्टॉल खाली करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला एक रोबोटिक डॉग के प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया।
एक्सपो में यूनिवर्सिटी ने “ओरियन” नाम से एक robotic dog प्रदर्शित किया था, जिसे उनके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया गया था।
सोशल मीडिया पर विवाद क्यों भड़का
एक वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि ने इसे अपनी AI-रोबोटिक्स पहल का हिस्सा बताया।
हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह वास्तव में चीनी कंपनी Unitree Robotics का Go2 मॉडल है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
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यह एक आयातित रोबोट है
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भारत में इसकी कीमत लगभग 2–3 लाख रुपये है
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इसे घरेलू इनोवेशन बताने पर भारी आलोचना हुई
कई यूजर्स ने इसे “राष्ट्रीय शर्मिंदगी” तक करार दिया।
सरकार की कार्रवाई
18 फरवरी 2026 को सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि यूनिवर्सिटी को AI Summit Expo से तुरंत हटने का निर्देश दिया गया।
इस खबर की पुष्टि कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भी की, जिनमें शामिल हैं:
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Hindustan Times
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The Hindu
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The Economic Times
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NDTV
यूनिवर्सिटी की सफाई
यूनिवर्सिटी ने कहा:
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उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोट उन्होंने बनाया है
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इसे Unitree से खरीदा गया था
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इसका उपयोग केवल छात्रों की रिसर्च और सीखने के लिए हो रहा था
प्रोफेसर नेहा सिंह ने इसे “गलतफहमी” बताते हुए कहा कि स्पष्ट जानकारी न दे पाने से विवाद हुआ।
हालांकि, यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
समिट पर असर और बड़ी तस्वीर
यह घटना उस समय सामने आई है जब AI Summit में प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत कई वैश्विक नेता मौजूद हैं।
यह विवाद कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है:
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भारत की AI innovation की विश्वसनीयता
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आत्मनिर्भर टेक दावों की पारदर्शिता
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प्रदर्शित तकनीकों की सत्यता
सोशल मीडिया पर यह मामला मीम्स और ट्रोलिंग का बड़ा विषय बन गया है।
निष्कर्ष
हालांकि समिट आयोजकों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन यह विवाद AI ecosystem में पारदर्शिता, मौलिक इनोवेशन और ईमानदार प्रस्तुति की अहमियत को उजागर करता है।







