उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ज्वैलर्स, बैंकों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में यदि सीसीटीवी व्यवस्था में कोई कमी पाई गई तो संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मासिक अपराध समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
पुलिस लाइन पौड़ी में आयोजित जनवरी माह की मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।
एसएसपी ने निर्देश दिए कि:
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लंबित विवेचनाओं का जल्द निस्तारण किया जाए
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गिरफ्तारी प्रतिशत बढ़ाया जाए
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महिला एवं बाल अपराध मामलों में त्वरित कार्रवाई हो
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साइबर अपराध मामलों में तकनीकी जांच मजबूत की जाए
“ऑपरेशन क्रैकडाउन” को प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक में मुख्यालय स्तर पर चल रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन वेरिफिकेशन अभियान की समीक्षा भी की गई। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि:
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अभियान केवल औपचारिकता न रहे
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संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन तेजी से किया जाए
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हिस्ट्रीशीटरों की डिजिटल प्रोफाइलिंग अपडेट रखी जाए
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फरार अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए
नशा और साइबर अपराध पर विशेष फोकस
पुलिस अधिकारियों को नशा उन्मूलन अभियान को परिणाममुखी बनाने और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए तकनीकी संसाधनों और जागरूकता दोनों पर जोर देना जरूरी है।
यातायात सुधार और ब्लैक स्पॉट पर निगरानी
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए:
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ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने
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ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई
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ड्रंक एंड ड्राइव अभियान तेज करने
जैसे निर्देश जारी किए गए।
सीसीटीवी सुरक्षा क्यों जरूरी है
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि सीसीटीवी व्यवस्था अपराध रोकथाम और जांच का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा:
“ज्वैलर्स और बैंकों जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी की कमी अपराधियों के लिए आसान अवसर बन सकती है और जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है।”
21 पुलिस कर्मियों को किया गया सम्मानित
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एसएसपी ने सभी अधिकारियों को पारदर्शी, सक्रिय और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
व्यापारियों और नागरिकों ने किया स्वागत
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि:
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इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ेगी
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अपराध दर में कमी आएगी
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पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी
नियमित मॉनिटरिंग से होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों के पालन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
यह पहल जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। पुलिस की सख्ती से उम्मीद है कि अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।






