गाजियाबाद के दिव्यांग क्रिकेटरों ने एक बार फिर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। व्हीलचेयर नेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की टीमों ने हिस्सा लिया था।
कप्तान राजा बाबू शर्मा के नेतृत्व में शानदार जीत
उत्तर प्रदेश टीम के कप्तान राजा बाबू शर्मा के नेतृत्व में टीम ने साहस, आत्मविश्वास और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
राजा बाबू शर्मा, जो गाजियाबाद के निवासी हैं, व्हीलचेयर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश को हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया।
विधायक संजीव शर्मा का महत्वपूर्ण सहयोग
इस जीत में संजीव शर्मा, गाजियाबाद शहर विधायक, का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने:
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टीम के ट्रेन किराए की व्यवस्था कराई
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खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं
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लगातार उनका उत्साहवर्धन किया
उनके सहयोग से टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरी और विजयी हुई।
खिलाड़ियों को मिला भविष्य का भरोसा
विधायक संजीव शर्मा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि वे भविष्य में भी हर संभव सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।
मीडिया प्रभारी की प्रतिक्रिया
मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने खुशी जताते हुए कहा:
“राजा बाबू शर्मा जैसे खिलाड़ी न केवल मैदान पर बल्कि जीवन की चुनौतियों में भी प्रेरणा स्रोत हैं।”
दिव्यांग खेलों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि
यह जीत:
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दिव्यांग खेलों के महत्व को दर्शाती है
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समाज में समावेशिता की भावना मजबूत करती है
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नए खिलाड़ियों को प्रेरणा देती है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से आने वाले समय में और दिव्यांग खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
निष्कर्ष
गाजियाबाद के दिव्यांग क्रिकेटरों की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह जीत केवल खेल की सफलता नहीं, बल्कि हौसले, संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल है।







