सदर तहसील परिसर में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। सब रजिस्ट्रार और अधिवक्ताओं के बीच हुई तीखी कहासुनी ने विवाद का रूप ले लिया, जिसके बाद नाराज वकीलों ने तहसील परिसर में तालाबंदी कर दी।
इस अचानक हुई तालाबंदी से रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गए, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
समस्याओं को लेकर पहुंचे थे अधिवक्ता
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, सचिव दीपक वैष्णय और अन्य अधिवक्ता विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सब रजिस्ट्रार त्रीनएक सिंह के कार्यालय पहुंचे थे।
अधिवक्ताओं का कहना था कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में कई तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं, जिनमें सर्वर की धीमी गति, पारदर्शिता की कमी और कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
कथित दुर्व्यवहार से बढ़ा विवाद
वरिष्ठ अधिवक्ता रामानंद गोयल के अनुसार, बातचीत के दौरान अधिकारी का रवैया सहयोगात्मक नहीं था। आरोप है कि सब रजिस्ट्रार ने समस्याओं के समाधान से इनकार करते हुए कथित रूप से दुर्व्यवहार किया।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक बढ़ गई और अधिवक्ताओं ने विरोध में नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में तालाबंदी कर दी।
जनता को उठानी पड़ी परेशानी
तालाबंदी के कारण दर्जनों लोग, जो जमीन की रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए आए थे, घंटों इंतजार करते रहे।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं को उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा।
प्रशासन ने शुरू किए समाधान के प्रयास
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
संवाद की कमी आई सामने
यह घटना प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच संवाद की कमी को उजागर करती है। ऐसे विवाद न केवल सरकारी कार्यों को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी मुश्किलें पैदा करते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस टकराव का समाधान कैसे निकाला जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।







