गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र (टीएचए) के कौशांबी थाने में पुलिस ने देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा करने वाले एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था और देश के सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों, दिल्ली कैंट इलाके तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स को भेज रहा था।
पुलिस ने 14 मार्च को महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सूत्रधार सुहेल मलिक उर्फ रोमियो (मेरठ/बिजनौर निवासी), साने इराम उर्फ महक (महिला, संभल/कौशांबी), प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार शामिल हैं।
ISI को क्या-क्या भेज रहे थे आरोपी?
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मोबाइल फोन और सोलर पावर्ड CCTV कैमरे के जरिए संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। इसमें शामिल हैं:
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दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सैनिकों की आवाजाही का लाइव फुटेज
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विभिन्न शहरों के रेलवे स्टेशन, आर्मी बेस और सुरक्षा एजेंसियों के ठिकानों के वीडियो-फोटो
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लोकेशन और डिप्लॉयमेंट की डिटेल
सूत्रों के अनुसार, सुहेल मलिक ने करीब छह महीने पहले दिल्ली कैंट में एक सोलर कैमरा भी लगवाया था, जिसका लाइव फीड सीधे पाकिस्तान के नंबर पर जाता था। आरोपी युवकों को 5,000 से 20,000 रुपये तक की रकम देकर यह काम करवाया जाता था। उनके मोबाइल में ISI एजेंट का पाकिस्तानी नंबर भी मिला है।
पुलिस रिमांड और जांच तेज
एडिशनल सीपी राज करन नय्यर ने बताया, “आज सभी आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। आगे की गहन पूछताछ की जाएगी। हम उनके बैंक ट्रांजेक्शन, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य संपर्कों की भी जांच कर रहे हैं।”
केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA, IB और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं। पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवी संहिता की धारा 152 तथा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया है।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
स्थानीय पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली-NCR, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में फैला हुआ था। आरोपी 50 से अधिक ठिकानों पर कैमरे लगाने की भी तैयारी कर रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट
यह खुलासा एक बार फिर साबित करता है कि ISI भारत में जासूसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। सुरक्षा बल अब पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटे हुए हैं।
अगली सुनवाई और पूछताछ के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।








