हापुड़। उत्तर प्रदेश ATS ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
यह कार्रवाई इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में की गई।
धौलाना में छापेमारी, दो आरोपी गिरफ्तार
मामला धौलाना क्षेत्र के गांव पिपलैड़ा का है, जहां एटीएस टीम ने दबिश देकर पहले एक युवक को हिरासत में लिया।
करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद मिले डिजिटल इनपुट के आधार पर दूसरे युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीम राणा (धौलाना निवासी) और आजाद राजपूत (मेरठ निवासी) के रूप में हुई है।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था नेटवर्क
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दिसंबर 2025 से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
वे आईएसआई समर्थित नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रहे थे।
मंदिरों और संवेदनशील जगहों की रेकी
आरोपियों ने दिल्ली और आसपास के कई संवेदनशील स्थलों की रेकी की थी, जिनमें शामिल हैं:
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रमेश नगर मेट्रो स्टेशन के पास सनातन धर्म मंदिर
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आसपास की कॉलोनियां
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ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित रावण मंदिर
इन स्थानों की फोटो, वीडियो और लोकेशन डिटेल्स पाकिस्तान भेजी गई थीं।
लाइव वीडियो चैट से संपर्क
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने शहजाद भट्टी के साथ लाइव वीडियो कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखा था और निर्देश प्राप्त कर रहे थे।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
कुंवर ज्ञानंजय सिंह (एसपी हापुड़) ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 61(2) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डिजिटल डिवाइस से अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं।
बड़े नेटवर्क की जांच जारी
उत्तर प्रदेश ATS और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब इस पूरे नेटवर्क, संभावित स्लीपर सेल और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटे हुए हैं।
यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
निष्कर्ष
सुरक्षा एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम करने के लिए एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।








