गाजियाबाद। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में गाजियाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 15 हो गई है।
नाबालिगों का इस्तेमाल, जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 5 नाबालिग भी शामिल हैं। यह तथ्य बेहद चिंताजनक है, क्योंकि गिरोह युवाओं और नाबालिगों को पैसे का लालच देकर जासूसी गतिविधियों में शामिल कर रहा था।
कौशांबी क्षेत्र से जुड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि हाल ही में पकड़े गए 9 आरोपी कुछ महीने पहले गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे।
ये आरोपी बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आकर यहां बसे थे।
आईएसआई से जुड़े होने का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे।
ये लोग संवेदनशील स्थानों जैसे:
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रेलवे स्टेशन
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सैन्य ठिकाने
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दिल्ली कैंट क्षेत्र
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अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठान
की फोटो और वीडियो बनाकर सीमा पार भेज रहे थे।
सोहेल बना मास्टरमाइंड
इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी सोहेल (सुहेल मलिक उर्फ रोमियो) बताया जा रहा है, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार, वह युवाओं को अपने जाल में फंसाकर जासूसी गतिविधियों में शामिल करता था।
तकनीकी उपकरण और सबूत बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अहम चीजें बरामद की हैं:
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मोबाइल फोन
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व्हाट्सएप ग्रुप (संदिग्ध नामों वाले)
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सोलर पावर्ड कैमरे
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अन्य डिजिटल सबूत
इनके आधार पर और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
छिपे कैमरों से भेजी जा रही थी फुटेज
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर के कई संवेदनशील इलाकों में छिपे कैमरे लगाए थे, जिनकी लाइव फुटेज विदेश भेजी जा रही थी।
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां
इससे पहले पुलिस 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनमें एक महिला भी शामिल थी।
अब कुल 15 आरोपी इस नेटवर्क से जुड़े होने के कारण पुलिस की गिरफ्त में हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
गाजियाबाद पुलिस इस पूरे मामले में तकनीकी जांच, सर्विलांस और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नेटवर्क देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, खासकर जब इनमें नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा हो।
निष्कर्ष
गाजियाबाद में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ एक बड़ी सफलता है, लेकिन यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी भी है।
जरूरी है कि ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।








