गाजियाबाद/दिल्ली। Red Fort Blast 2025 मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। गाजियाबाद के कौशांबी से गिरफ्तार आरोपी सुहैल (सुहेल मलिक उर्फ रोमियो) पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने विस्फोट के बाद मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर विदेश भेजी।
घटनास्थल पर मौजूद था आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, 10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास हुए कार विस्फोट के दौरान सुहैल घटनास्थल पर मौजूद था।
उसने धमाके के बाद घायलों और मृतकों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे।
विस्फोट में कई लोगों की मौत
इस हमले में:
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13-15 लोगों की मौत
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20 से अधिक लोग घायल
हुए थे।
विस्फोट एक सफेद कार में अमोनियम नाइट्रेट से तैयार बम के जरिए किया गया था।
आतंकी संगठनों से लिंक की आशंका
जांच में आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba और Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े कनेक्शन की आशंका जताई गई है।
दुबई भेजे गए संदिग्ध पार्सल
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सुहैल ने दो संदिग्ध पार्सल दुबई भेजे थे।
इन पार्सलों में संभवतः:
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पेन ड्राइव
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हार्ड डिस्क
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सिम कार्ड
जैसे डेटा स्टोरेज डिवाइस हो सकते हैं, जिनमें संवेदनशील जानकारी और फुटेज भेजी गई।
जासूसी नेटवर्क से जुड़ा था आरोपी
सुहैल पहले से ही गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में है और उस पर जासूसी नेटवर्क चलाने का आरोप है।
जांच में सामने आया है कि वह युवाओं और नाबालिगों को पैसे का लालच देकर इस नेटवर्क में शामिल करता था।
कौशांबी कनेक्शन और गिरफ्तारियां
कौशांबी इलाके में किराए पर रह रहे कई संदिग्धों से उसका कनेक्शन सामने आया है।
अब तक इस मामले में 15 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
NIA और दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच
National Investigation Agency (NIA) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच में आरोपी के मोबाइल, चैट्स और डिजिटल डेटा से कई अहम सुराग मिले हैं।
जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को बड़े आतंकी और जासूसी ऑपरेशन से जोड़कर देख रही हैं।
संवेदनशील स्थानों पर थी नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थानों की निगरानी और हमलों की योजना बना रहा था।
सुहैल की भूमिका एक “फील्ड ऑपरेटर” और “इंटेलिजेंस कलेक्टर” के रूप में सामने आई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लाल किला जैसे उच्च सुरक्षा क्षेत्र में हुआ यह हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
जांच एजेंसियां अब दुबई भेजे पार्सलों और विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं।
निष्कर्ष
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।








