संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जासूसी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक महिला इरम उर्फ शाने मेहराज (महक) को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, वह पिछले डेढ़ साल से सक्रिय थी और उसने 200 से अधिक महिलाओं को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया।
व्हाट्सएप ग्रुप से चल रहा था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इरम ने ‘दीन-ए-इलाही’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें 200 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई थीं।
इस ग्रुप के जरिए सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो इकट्ठा किए जाते थे।
विदेश भेजी जा रही थी संवेदनशील जानकारी
पुलिस के मुताबिक, इकट्ठा की गई जानकारी को पाकिस्तान में बैठे एजेंट्स को भेजा जा रहा था।
जांच में Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े कनेक्शन की आशंका जताई गई है।
धार्मिक स्थलों की भी भेजी गई तस्वीरें
जांच में यह भी सामने आया है कि Khatu Shyam Temple जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों की तस्वीरें भी विदेश भेजी गईं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
एटीएस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इरम को 13 मार्च 2026 को उसके ससुराल से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के समय वह वीडियो कॉल पर बात कर रही थी, जिसमें विदेशी कनेक्शन होने का संदेह है।
Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad (ATS) और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
200 से ज्यादा महिलाओं की जांच
एटीएस ने ग्रुप से जुड़ी 200 से अधिक महिलाओं के:
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मोबाइल नंबर
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लोकेशन
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बैकग्राउंड
की जांच शुरू कर दी है।
साथ ही, उनके संपर्कों और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
संदिग्ध संबंध और डिजिटल सबूत
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इरम के विदेशी संपर्क थे और उसके मोबाइल से कई संदिग्ध चैट्स और डेटा मिले हैं।
पाकिस्तान के एक व्यक्ति से उसके व्यक्तिगत संबंध होने की भी जांच की जा रही है।
गाजियाबाद नेटवर्क से जुड़ाव
यह मामला गाजियाबाद में पहले उजागर हुए जासूसी नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिसमें कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
जांच एजेंसियां दोनों नेटवर्क के बीच कनेक्शन तलाश रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के जरिए इस तरह का नेटवर्क बनाना एक नई रणनीति है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
संभल का यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत है।
जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।








