गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए 2 वर्ष की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है।
इस मामले में पुलिस ने उस महिला अभियुक्ता को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का अपराध किया था।
पुलिस की तत्परता और कुशल रणनीति के चलते यह मामला जल्दी सुलझ गया और बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्ची के लापता होने से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब एक परिवार ने अपनी 2 वर्षीय बच्ची के अचानक लापता होने की सूचना थाना मुरादनगर में दी।
परिजनों के अनुसार बच्ची घर के पास खेल रही थी, तभी वह अचानक गायब हो गई।
बच्ची के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
सीसीटीवी और सुरागों से मिली सफलता
पुलिस ने विभिन्न संभावित स्थानों पर दबिश दी और मुखबिरों को सक्रिय किया।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर एक संदिग्ध महिला की पहचान की गई।
महिला अभियुक्ता गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान महिला ने बच्ची को बहलाकर अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार कर ली।
परिवार को सुरक्षित सौंपी गई बच्ची
पुलिस ने अभियुक्ता के कब्जे से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्ची पूरी तरह सुरक्षित पाई गई, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
बाद में पुलिस ने बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ की विशेष सराहना की जा रही है।
यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो मामला गंभीर रूप ले सकता था।
इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।
जनता के लिए जरूरी अपील
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अभियुक्ता किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हुई है या यह घटना उसने अकेले ही अंजाम दी।
इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
समाज में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन पुलिस की तत्परता और जागरूक नागरिकों के सहयोग से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
मुरादनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक परिवार के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।








